प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल (25 सितंबर 2025) राजस्थान के बांसवाड़ा दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे राज्य को 1.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक की मेगा परियोजनाओं का उपहार देंगे। इन योजनाओं का फोकस ऊर्जा, जल संसाधन, परिवहन, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे अहम क्षेत्रों पर होगा। माना जा रहा है कि यह दौरा राजस्थान की आधारभूत संरचना को नई दिशा देने और सर्वांगीण विकास को रफ्तार देने वाला साबित होगा।
ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगा बूस्टइस विज़िट के दौरान कई ऊर्जा परियोजनाओं की नींव रखी जाएगी और कुछ का लोकार्पण होगा। सबसे महत्वपूर्ण है माही-बांसवाड़ा एटॉमिक पावर प्रोजेक्ट, जिसकी क्षमता 2,800 मेगावाट होगी और इसके निर्माण पर ₹42,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही, बीकानेर में 590 मेगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी योजना और जैसलमेर, बाड़मेर, सिरोही, नागौर तथा बीकानेर जिलों में 15.5 गीगावाट क्षमता वाली पावर ट्रांसमिशन लाइन का शिलान्यास किया जाएगा।
पीएम मोदी 1,400 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाओं और 925 मेगावाट क्षमता वाले नोख सोलर पार्क को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके अलावा, पीएम कुसुम-सी योजना के तहत ₹3,132 करोड़ की लागत से 895 मेगावाट डिसेंट्रलाइज्ड सोलर प्लांट की भी शुरुआत होगी। इन कदमों से राजस्थान सौर ऊर्जा उत्पादन का राष्ट्रीय हब बनने की ओर और तेजी से बढ़ेगा।
पानी और सिंचाई के लिए नई योजनाएंराजस्थान के जल संकट को कम करने के लिए प्रधानमंत्री कई अहम प्रोजेक्ट्स की घोषणा करेंगे। 12 जिलों में 15 पेयजल परियोजनाओं की नींव रखी जाएगी, जिन पर ₹5,884 करोड़ खर्च होंगे। इसके अलावा, ईसरदा बांध और धौलपुर लिफ्ट व सिंचाई परियोजनाओं का भी लोकार्पण होगा। जल संसाधन विभाग की कुल ₹20,833 करोड़ की लागत वाली योजनाओं से किसानों को सिंचाई और पीने के पानी की दिक्कतों से राहत मिलने की उम्मीद है।
परिवहन और रेलवे में बड़ा निवेशयात्रा के दौरान परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। भरतपुर में दो फ्लाईओवर और एक पुल का शिलान्यास होगा। साथ ही, 119 अटल प्रगति पथ परियोजनाओं की नींव रखी जाएगी। रेलवे क्षेत्र में भी खुशखबरी है—बीकानेर-दिल्ली कैंट और जोधपुर-दिल्ली कैंट रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू की जाएगी। इसके अलावा, उदयपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। इन कदमों से राज्य की कनेक्टिविटी और तेज़ व सुविधाजनक होगी।
युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसरइस ऐतिहासिक दौरे का सबसे मानवीय पहलू होगा युवाओं को रोजगार से जोड़ना। प्रधानमंत्री 15,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। यह कदम न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में है, बल्कि राज्य की विकास यात्रा में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेगा।