फलोदी बस हादसा: सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान, मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख की सहायता, धरना हुआ समाप्त

जोधपुर: फलोदी में हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रत्येक मृतक के परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षा मंत्री एवं प्रभारी मंत्री मदन दिलावर सोमवार सुबह जोधपुर पहुंचे और हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल और फलोदी प्रशासन से घटना के हालात पर चर्चा की।

धरना खत्म, अधिकतम 25 लाख तक का मुआवजा


मदन दिलावर ने बताया कि मुआवजा राशि जैसलमेर बस हादसे के समान ही दी जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से रसद अधिकारी अंजुम ताहिर समा ने धरना स्थल पर घोषणा करते हुए कहा कि प्रत्येक मृतक के परिजन को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। अगर किसी एक परिवार के तीन या अधिक सदस्य इस हादसे में मारे गए हैं, तो उस परिवार को अधिकतम 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। गंभीर घायलों को 2 लाख और सामान्य घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। सरकार ने साथ ही इस हादसे की जांच कराने का आदेश भी जारी कर दिया है। आर्थिक सहायता की घोषणा के बाद अस्पताल मोर्चरी के बाहर चल रहा धरना समाप्त हो गया। कांग्रेस नेता करण सिंह उचियारड़ा ने कहा कि सरकार की घोषणा स्वागत योग्य है, हालांकि यह फैसला पहले लिया जाना चाहिए था।

सरकार संवेदनशील, जांच के आदेश

मंत्री दिलावर ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और उनकी हर वाजिब मांग को पूरा किया जाएगा। उन्होंने घटना पर गहरा दुख जताया और कहा कि दुर्घटना के कारणों की गहन जांच कराई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

संभावित कारण: ड्राइवर को आई झपकी या सड़क पर खड़ा ट्रोला

दिलावर ने प्राथमिक जांच का हवाला देते हुए बताया कि बस सामने खड़े ट्रोले से टकरा गई थी। संभावना है कि ड्राइवर को झपकी आ गई हो, जिससे वाहन नियंत्रण से बाहर हो गया। उन्होंने कहा कि हाईवे पर खड़े ट्रोले से टकराने के मामले अक्सर इसी वजह से होते हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विस्तृत जांच होगी और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

हादसे में 15 लोगों की दर्दनाक मौत

रविवार शाम हुए इस हादसे में 10 महिलाओं समेत कुल 15 लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों के शव महात्मा गांधी अस्पताल और एम्स जोधपुर की मोर्चरी में रखे गए हैं। रविवार देर रात, कांग्रेस नेता करण सिंह उचियारड़ा की अगुवाई में परिजन धरने पर बैठ गए थे। उन्होंने मांग रखी थी कि प्रत्येक मृतक परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घायलों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के जोधपुर आने की संभावना

सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जोधपुर पहुंच सकते हैं। उन्होंने पटना में निर्धारित अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। हादसे में मारे गए 15 में से 14 मृतक माली समाज से थे। संभावना है कि गहलोत मृतकों के अंतिम संस्कार के दौरान जोधपुर में मौजूद रहेंगे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।