ऑपरेशन मदमारुत के तहत बड़ी कार्रवाई: तीन साल से फरार 25 हजार का इनामी ड्रग तस्कर समीर खान दबोचा गया

जयपुर। राजस्थान में मादक पदार्थों की तस्करी पर शिकंजा कसने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) लगातार सख्त अभियान चला रही है। इसी कड़ी में ऑपरेशन मदमारुत के तहत एएनटीएफ को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के मार्गदर्शन तथा एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में चल रही कार्रवाई के दौरान राज्य के टॉप ड्रग तस्करों की सूची NARKINGPIN-56 में शामिल 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी समीर खान को ब्यावर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पिछले करीब तीन वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और लगातार अपने ठिकाने बदलकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा था।

आईजी विकास कुमार ने बताया कि समीर खान पुत्र जारद खान, निवासी बामनखेड़ी, जिला रतलाम (मध्य प्रदेश), फलोदी जिले के बाप थाना क्षेत्र में दर्ज मादक पदार्थ तस्करी के एक मामले में वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक फलोदी की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लंबे समय से फरार चल रहे इस आरोपी की तलाश कई एजेंसियां कर रही थीं।

जल्दी पैसा कमाने की चाह ने बनाया ड्रग तस्कर

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि समीर खान ने पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद मजदूरी शुरू कर दी थी। इसी दौरान उसने अपने एक रिश्तेदार को नशीले पदार्थों की तस्करी के जरिए बड़ी कमाई करते देखा। आसान और तेज कमाई के लालच में वह भी इस अवैध धंधे से जुड़ गया।

धीरे-धीरे उसने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया, जिसके जरिए मध्य प्रदेश से राजस्थान तक स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की सप्लाई की जाने लगी। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने अलग-अलग एजेंटों के माध्यम से कई क्षेत्रों में अपना नेटवर्क सक्रिय कर रखा था।
राजस्थान में एजेंटों के जरिए होती थी सप्लाई

पुलिस के अनुसार समीर और उसका रिश्तेदार फलोदी सहित आसपास के इलाकों में एजेंटों के माध्यम से नशे की खेप पहुंचाते थे। वर्ष 2024 में बाप थाना पुलिस ने स्मैक तस्करी के एक मामले में उसके एक एजेंट को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान एजेंट ने समीर खान और उसके साथी के नाम का खुलासा किया, जिसके बाद दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

एफआईआर दर्ज होने के बाद समीर ने राजस्थान आना लगभग बंद कर दिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर मजदूरी और वाहन चालक का काम करने लगा तथा लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा, ताकि पुलिस उसके करीब न पहुंच सके।

व्यापारी बनकर फैक्ट्री पहुंचे एएनटीएफ अधिकारी

फरार आरोपी तक पहुंचने के लिए एएनटीएफ ने विशेष रणनीति तैयार की। टीम मध्य प्रदेश के मंदसौर पहुंची, जहां गुप्त सूचना के आधार पर पता चला कि समीर मुल्तानपुरा इलाके की फैक्ट्रियों में काम करता है और साथ ही ड्राइविंग भी करता है।

इसके बाद एएनटीएफ अधिकारियों ने खुद को कारोबारी के रूप में पेश किया और स्लेट पेंसिल फैक्ट्री क्षेत्र में कई दिनों तक रेकी की। माल खरीदने के बहाने फैक्ट्री संचालकों और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान एक फैक्ट्री मालिक ने बताया कि उनके यहां समीर नाम का चालक कार्यरत है, जो उस समय बारदाना लेकर ब्यावर अनाज मंडी गया हुआ है। इस सूचना के मिलते ही टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना तैयार कर ली।

ब्यावर अनाज मंडी में घेराबंदी कर किया गिरफ्तार

सटीक सूचना मिलने के बाद एएनटीएफ की दूसरी टीम तुरंत ब्यावर अनाज मंडी पहुंची। वहां मौजूद वाहनों की जांच और पूछताछ करते हुए टीम मंडी के पीछे स्थित बारदाना गोदाम तक पहुंची। मौके पर मध्य प्रदेश नंबर की एक पिकअप खड़ी मिली, जिसके पास बैठे दो लोगों में से एक की पहचान समीर खान के रूप में हुई।

पहचान की पुष्टि होते ही टीम ने बिना समय गंवाए घेराबंदी कर आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए अपने कब्जे में लेकर आगे की पूछताछ शुरू कर दी गई।

एएनटीएफ की 68वीं बड़ी सफलता

आईजी विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ अब तक मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल 67 फरार अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। समीर खान की गिरफ्तारी के साथ ही अभियान के तहत यह 68वीं बड़ी सफलता दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि एएनटीएफ का स्पष्ट उद्देश्य है कि चाहे कोई भी तस्कर राजस्थान में छिपा हो या किसी दूसरे राज्य में, उसे कानून के दायरे में लाकर न्यायिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।

कार्रवाई करने वाली टीम होगी सम्मानित

आईजी ने बताया कि इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली एएनटीएफ टीमों को मुख्यालय में आयोजित विशेष समारोह के दौरान सम्मानित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि किसी को मादक पदार्थों की तस्करी या अन्य अपराधियों से जुड़ी कोई भी जानकारी मिले तो वह एएनटीएफ कंट्रोल रूम 0141-2502877 या व्हाट्सएप नंबर 9261225056 पर साझा करें।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।