NEET (UG) 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के बाद राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। परीक्षा रद्द होने के फैसले को लेकर उन्होंने कहा कि यह साफ संकेत है कि पूरे मामले में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई थीं। गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार ने पिछले दो सप्ताह तक इस मामले को दबाने की कोशिश की और छात्रों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए लिखा कि NEET (UG) प्रवेश परीक्षा को रद्द किया जाना यह साबित करता है कि पेपर में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय इसे छिपाने का प्रयास किया। गहलोत के मुताबिक, अगर समय रहते कार्रवाई की जाती तो छात्रों और अभिभावकों में इतना असमंजस पैदा नहीं होता।
उन्होंने आगे कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने परीक्षा रद्द कर और जांच सीबीआई को सौंपकर युवाओं के हित में एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है। उनके अनुसार, यह फैसला छात्रों के भरोसे को बनाए रखने के लिए जरूरी था। गहलोत ने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अपने बयान में Ashok Gehlot ने राजस्थान सरकार पर पहले भी भर्ती और परीक्षा घोटालों को दबाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी चयन बोर्ड से जुड़े OMR शीट मामले में भी सरकार ने सच्चाई को सामने आने से रोकने की कोशिश की थी। गहलोत का दावा है कि कमजोर पैरवी और लापरवाही की वजह से उस मामले के आरोपियों को जमानत मिल गई थी, जिससे सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ठीक उसी तरह NEET (UG) पेपर लीक से जुड़ी जानकारी को भी दबाने का प्रयास किया गया और शुरुआती दौर में FIR तक दर्ज नहीं की गई। गहलोत ने कहा कि अब जब पूरा मामला राष्ट्रीय स्तर पर सामने आ चुका है, तब भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उनके मुताबिक, सच्चाई सामने आने के बाद सरकार का “असल चेहरा” उजागर हो गया है।
गौरतलब है कि NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद सोशल मीडिया और विभिन्न राज्यों से पेपर लीक और कथित “गेस पेपर” वायरल होने की शिकायतें सामने आईं। इसके बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने केंद्र सरकार की मंजूरी और जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया।
अब इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंप दी गई है। जांच एजेंसियां पेपर लीक नेटवर्क, डिजिटल चैट्स, सोशल मीडिया ग्रुप्स और संभावित अंदरूनी कनेक्शन की जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
NTA ने यह भी स्पष्ट किया है कि NEET-UG 2026 परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा तिथि और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट के जरिए जारी की जाएगी। साथ ही छात्रों को दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं करना होगा और पहले से जमा डेटा ही मान्य रहेगा।