माउंट आबू के जंगलों में 42 घंटे भटकते रहे प्रोफेसर, पुलिस ने सकुशल ढूंढ निकाला

राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू के जंगलों में वनभ्रमण के दौरान लापता हुए एक प्रोफेसर को आखिरकार 42 घंटे बाद सुरक्षित निकाल लिया गया। जानकारी के अनुसार, प्रोफेसर अपने साथियों के साथ प्रकृति दर्शन के लिए जंगल गए थे, लेकिन अचानक रास्ता भटककर दल से अलग हो गए। साथी खोजते रहे पर कोई पता नहीं चला, जिसके बाद पुलिस और वन विभाग को सूचना दी गई। जिला कलेक्टर और एसपी के आदेश पर एक बड़े स्तर का सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया, जिसमें पुलिस, वन विभाग, आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर लगातार जंगल के कोने-कोने की तलाश की।

शेरगांव की पहाड़ियों से मिला सुराग

लगातार 42 घंटे चले अभियान के बाद वन विभाग की टीम को शेरगांव की पहाड़ियों में प्रोफेसर दिखाई दिए। थके-हारे प्रोफेसर को सुरक्षित बाहर निकालकर नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उन्हें हल्की थकान और डिहाइड्रेशन की शिकायत थी, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। इस खोज अभियान में ड्रोन कैमरे और आधुनिक ट्रैकिंग डिवाइस का इस्तेमाल किया गया, जिससे टीम को बड़ी मदद मिली।
वायरल ऑडियो से मिली अहम जानकारी

इस घटना के दौरान लापता प्रोफेसर का एक ऑडियो कॉल भी सामने आया था। रिकॉर्डिंग में वे मदद की गुहार लगाते हुए बता रहे थे कि वे घने जंगल में भटक गए हैं, पूरी रात लगातार बारिश के कारण भीग चुके हैं और उनके फोन की बैटरी भी केवल 30% बची है। यह ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने तलाशी अभियान तेज कर दिया और अलग-अलग तीन टीमें गठित कर दीं।

सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने दी हिदायत


पुलिस प्रशासन ने इस घटना के बाद पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि यदि वे जंगल क्षेत्रों में भ्रमण के लिए जाते हैं, तो अपनी लोकेशन और रूट की जानकारी परिवार या दोस्तों को अवश्य दें। साथ ही, अकेले जंगल में प्रवेश करने से बचें। इस हादसे ने एक बार फिर से जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा प्रबंधन और मॉनिटरिंग सिस्टम को लेकर सवाल खड़े किए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जंगलों में निगरानी और तकनीकी संसाधनों को और मजबूत किया जाएगा।