कोटा: बारिश में भी अडिग रहा विश्व का सबसे ऊंचा वाटरप्रूफ रावण, दहन कार्यक्रम में सीएम भजनलाल करेंगे शिरकत

कोटा: 2 अक्टूबर से शुरू हो रहे 132वें राष्ट्रीय दशहरे मेले में इस बार विश्व के सबसे ऊंचे रावण का निर्माण किया गया है। यह विशाल रावण 221 फीट ऊँचा है और दशहरे के दिन इसका दहन कर विश्व रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी शामिल होने की संभावना है। कोटा उत्तर नगर निगम आयुक्त और मेला अधिकारी अशोक त्यागी ने जानकारी दी।

पहली बार सीएम के सामने रावण दहन:


अशोक त्यागी ने बताया कि यदि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कोटा दौरे पर दशहरे के दिन आते हैं, तो यह पहली बार होगा जब किसी मुख्यमंत्री के सामने रावण दहन का आयोजन होगा। जिला कलेक्टर पीयूष समारिया और एसपी शहर तेजस्विनी गौतम ने मंगलवार को दशहरा मैदान का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर रावण दहन के आसपास बैरिकेडिंग, वीआईपी एंट्री, भीड़ नियंत्रण, बैठने और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया।

मेला समिति अध्यक्ष विवेक राजवंशी, आयुक्त अशोक त्यागी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दिलीप सैनी और प्रशासन एवं पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी निरीक्षण में मौजूद थे। जिला कलेक्टर ने बताया कि वीआईपी विजिट की तैयारियाँ पूरी तरह शुरू कर दी गई हैं, जबकि आधिकारिक कार्यक्रम का विवरण अभी शेष है।

कुंभकरण और मेघनाद के पुतले शेष:
दशहरा मैदान में 221 फीट ऊंचा रावण पहले ही खड़ा कर दिया गया है। कुंभकरण और मेघनाद के 60-60 फीट के पुतले अभी खड़े होने बाकी हैं। रावण निर्माता हरियाणा के अंबाला निवासी राणा तेजिंदर चौहान ने बताया कि हुक न आने की वजह से पुतलों को अभी तक खड़ा नहीं किया जा सका। हुक आने के बाद कुंभकरण और मेघनाद के पुतले देर रात या बुधवार दोपहर तक खड़े कर दिए जाएंगे।

बारिश में भी अडिग रावण:

राजस्थान के कई इलाकों में मंगलवार रात को भारी बारिश हुई, लेकिन कोटा दशहरा मैदान में खड़ा रावण बरसात में भी सुरक्षित रहा। राणा तेजिंदर चौहान ने बताया कि रावण को वेलवेट के कपड़े से तैयार किया गया है और उसका चेहरा फाइबर का है, जिस पर रंग किया गया है। इसलिए तेज बारिश में भी रावण को कोई नुकसान नहीं हुआ। अगर यह रावण सामान्य कागज या रंगीन कागज से बनाया जाता, तो बारिश में वह खराब हो जाता।

विश्व रिकॉर्ड के लिए बनाए गए इस 221 फीट ऊँचे रावण का निर्माण पूरी सुरक्षा और सावधानी के साथ किया गया है, ताकि दशहरे के दिन यह अपनी भव्यता के साथ रावण दहन कार्यक्रम का आकर्षण बने।