राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू धाम में बाबा श्याम का वार्षिक फाल्गुन मेले 2026 के पहले ही दिन एक दुखद घटना सामने आई है। प्रशासन द्वारा नो व्हीकल जोन घोषित किए गए सुरक्षित मार्ग पर ही एक तेज रफ्तार टेंपो ने 60 वर्षीय श्रद्धालु श्याम बाबू को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। यह हादसा मेले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है, क्योंकि यहां कुल 4500 पुलिसकर्मी और 1500 होमगार्ड तैनात थे।
यूपी से आए श्रद्धालु की जान गई लापरवाही सेमृतक की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी श्याम बाबू के रूप में हुई है। वह रींगस से खाटू धाम पैदल यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान चौमू पुरोहितान के पास रींगस से खाटू जा रहे एक टेंपो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। घायल श्याम बाबू को तुरंत रींगस राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
नो व्हीकल जोन में कैसे घुसा तेज वाहन?ndtv राजस्थान की खबर के अनुसार, रींगस-खाटू पदयात्रा मार्ग को दो दिन पहले उपखंड अधिकारी बृजेश कुमार गुप्ता ने नो व्हीकल जोन घोषित किया था। बावजूद इसके तेज रफ्तार वाहन का इस मार्ग पर आना प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। मेले का यह पहला दिन ही था, जबकि आने वाले दिनों में यहां 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। ऐसे में यह हादसा भक्तों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा उत्पन्न कर रहा है।
प्रशासन में हड़कंप, डैमेज कंट्रोल में जुटे अधिकारीहादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया है। रींगस उपखंड अधिकारी और मेला मजिस्ट्रेट बृजेश गुप्ता ने कहा कि कुछ पॉइंट्स पर लापरवाही हुई है। उन्होंने बताया, “थानाधिकारी को अलर्ट कर दिया गया है और मैं स्वयं सभी पॉइंट्स की निगरानी कर रहा हूं। किसी भी कर्मचारी की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
इसी क्रम में थानाधिकारी सुरेश कुमार ने भी पुलिसकर्मियों को सख्त हिदायत दी है कि वे श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई भी कमी न होने दें। प्रशासन अब हर संभव कदम उठा रहा है ताकि आने वाले दिनों में मेले के दौरान ऐसे हादसों को रोका जा सके।