बीकानेर: केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा है कि वीबी जी राम जी योजना ग्रामीण भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अहम साबित होगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विज़न को ज़मीनी स्तर पर गति देगी। बुधवार को बीकानेर दौरे पर पहुंचे मेघवाल ने भाजपा संभाग कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि इस योजना के बजट में किसी तरह की कटौती नहीं की गई है। उनके मुताबिक, योजना में किए गए सुधारों से पारदर्शिता बढ़ी है और पंचायती राज व्यवस्था—ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद—तीनों स्तरों पर कामकाज की गुणवत्ता को नई मजबूती मिली है।
कांग्रेस के आरोपों पर करारा पलटवार:
योजना का नाम बदले जाने को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों पर केंद्रीय मंत्री ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने इतिहास पर नजर डालनी चाहिए। मेघवाल ने याद दिलाया कि यह योजना पहले रोजगार योजना के नाम से जानी जाती थी, फिर जवाहरलाल नेहरू के नाम पर इसे नया नाम दिया गया। इसके बाद इसे नरेगा कहा गया और अंततः महात्मा गांधी के नाम से जोड़ा गया। उन्होंने सवाल किया कि जब नेहरू के नाम से चल रही योजना का नाम बदला गया था, तब क्या इससे नेहरू जी के सम्मान में कोई कमी आई थी? 28 जनवरी को बीकानेर आएंगे शिवराज सिंह चौहान:
मेघवाल ने जानकारी दी कि भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान 28 जनवरी को बीकानेर पहुंचेंगे। इस दौरान वे कृषि मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले आठ अनुसंधान केंद्रों को लेकर भी चर्चा करेंगे। वहीं, एक दिन पहले पूर्व कैबिनेट मंत्री गोविंद मेघवाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए अर्जुन मेघवाल ने कहा कि वे सकारात्मक राजनीति में विश्वास रखते हैं। उन्होंने साफ किया कि आरोपों पर टिप्पणी करना उन्हें जरूरी नहीं लगता। गोचर भूमि पर फैसला जल्द:
बीकानेर में गोचर भूमि को लेकर चल रहे आंदोलन से जुड़े सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर बीकानेर की विधायक और भाजपा के जिला अध्यक्ष मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि एक दिन बाद फिर से मुख्यमंत्री से चर्चा होगी और जनभावना के अनुरूप निर्णय लिया जाएगा। इस प्रेस वार्ता के दौरान विधायक जेठानंद व्यास, देहात भाजपा अध्यक्ष श्याम पंचारिया और शहर अध्यक्ष सुमन छाजेड़ भी मौजूद रहे।