झुंझुनूं में बुलडोजर कार्रवाई, 100 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त; 9 थानों की पुलिस तैनात

झुंझुनूं के सुलताना कस्बे में गुरुवार का दिन प्रशासनिक सख्ती के नाम रहा। अवैध अतिक्रमणों को लेकर तहसील प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। राजस्थान हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासन ने कस्बे की प्रमुख सड़कों से अतिक्रमण हटाने का व्यापक अभियान चलाया।

जेसीबी मशीनों से अवैध निर्माणों पर कार्रवाई

तहसीलदार रामकुमार पूनिया के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम जेसीबी मशीनों के साथ सुलताना में पहुंची। कार्रवाई शुरू होते ही अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मच गया। पदमा नगर के पास से अभियान की शुरुआत हुई, जहां जेसीबी ने सड़क सीमा में खड़े अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू किया। पहले चरण में किशोरपुरा रोड से नरेंद्र एकेडमी स्कूल तक का मार्ग साफ किया गया। प्रशासन ने पूरे रूट पर लगभग 100 अवैध निर्माण चिन्हित किए हैं। किसी भी अव्यवस्था या विरोध को रोकने के लिए मौके पर 9 थानों की पुलिस तैनात रखी गई थी।

आरटीआई कार्यकर्ता की याचिका पर कार्रवाई

इस कार्रवाई का आधार आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. जितेंद्र सिंह की याचिका रही। उन्होंने हाईकोर्ट में सुलताना की सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ याचिका दायर की थी। अदालत ने अवैध निर्माण हटाने के कड़े आदेश जारी किए और प्रशासन को उचित कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद प्रशासन ने पहले लोगों को नोटिस जारी कर स्वयं कब्जा हटाने का समय दिया था। जब निर्धारित समय सीमा पूरी हो गई, तो आज बुलडोजर के माध्यम से कार्रवाई की गई।

कहाँ-कहाँ हुई कार्रवाई

गिरदावर राकेश कुमार ने बताया कि नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद आज प्रशासन ने बुलडोजर के जरिए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस दौरान कई अस्थायी और स्थायी निर्माणों को ध्वस्त किया गया। तहसीलदार रामकुमार पूनिया ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार चिड़ावा–सुलताना सड़क पर पावर हाउस से अटल सेवा केंद्र तक और चिड़ावा–सुलताना (किशोरपुरा रोड) पर पावर हाउस से नरेंद्र एकेडमी स्कूल तक सड़क सीमा में बने सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे।