कोटा: देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम मेन (JEE MAIN 2026) की शुरुआत बुधवार से होने जा रही है। इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के माध्यम से देशभर के 127 प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में कुल 62,853 सीटों पर दाखिला मिलेगा। जनवरी सत्र में इस बार करीब 13 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा में भाग लेंगे।
बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (BE) और बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (BTech) पाठ्यक्रमों के लिए परीक्षा 21, 22, 23, 24 और 28 जनवरी को आयोजित की जाएगी। ये परीक्षाएं कुल पांच दिनों में 10 शिफ्टों में संपन्न होंगी। वहीं, पेपर-2 के अंतर्गत बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर (B.Arch) और बैचलर ऑफ प्लानिंग (B.Planning) की परीक्षा 29 जनवरी को एक ही शिफ्ट में कराई जाएगी।
परीक्षा केंद्र पर संयम और एकाग्रता सबसे जरूरीशिक्षा विशेषज्ञ देव शर्मा ने परीक्षा में शामिल होने जा रहे विद्यार्थियों को जरूरी सुझाव देते हुए कहा कि एग्जाम सेंटर पर पहुंचने के बाद पूरी तरह शांत और संयमित रहना बेहद आवश्यक है। अन्य अभ्यर्थियों से यह चर्चा न करें कि किसने कितना पढ़ा है, कौन सा टॉपिक आया है या पेपर कैसा होगा। सुरक्षा जांच प्रक्रिया में सहयोग करें और सुरक्षा कर्मियों से किसी भी तरह की बहस से बचें।
उन्होंने आगे बताया कि यदि परीक्षा के दौरान किसी तरह की तकनीकी समस्या आती है, जैसे कंप्यूटर या सिस्टम में खराबी, तो तुरंत इनविजीलेटर को इसकी जानकारी दें। यह सोचकर घबराएं नहीं कि आपका समय खराब हो रहा है, क्योंकि प्रश्न हल करने के लिए आपको पूरा समय दिया जाएगा।
परीक्षा हल करने की रणनीति पर दें विशेष ध्यानशिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार प्रश्नपत्र को हल करने के लिए दो चरणों की रणनीति अपनाना फायदेमंद होता है। पहले चरण में उम्मीदवारों को तीनों विषयों के उन प्रश्नों को हल करना चाहिए, जिनमें उन्हें सहजता और आत्मविश्वास महसूस होता हो।
दूसरे चरण में उन प्रश्नों को चुनें, जिनमें थोड़ा अधिक समय लग सकता है, लेकिन जिनके उत्तर निकालने को लेकर छात्र आश्वस्त हों। जिन प्रश्नों में अत्यधिक कठिनाई महसूस हो रही हो, उन पर समय बर्बाद करने से बचें। सभी प्रश्न समान अंकों के होते हैं, इसलिए किसी भी प्रश्न को प्रतिष्ठा का विषय बनाकर उलझने की जरूरत नहीं है।
यदि किसी विषय में लगातार चार-पांच प्रश्न कठिन लगें, तो घबराने के बजाय दो प्रश्न छोड़कर आगे बढ़ें और आत्मविश्वास बनाए रखें। पहले से सही हल किए गए प्रश्नों को दोबारा हल करने की कोशिश न करें, क्योंकि दूसरी बार जल्दबाजी में गलती होने की संभावना बढ़ जाती है।
गणना आधारित प्रश्नों में ‘मेथड ऑफ एप्रोक्सीमेशन’ का प्रयोग पार्ट-ए के एमसीक्यू प्रश्नों में सहायक हो सकता है, लेकिन पार्ट-बी के न्यूमेरिकल प्रश्नों में इसका इस्तेमाल करते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।
इंजीनियरिंग सीटों का संस्थानवार विवरणJEE MAIN 2026 के माध्यम से मिलने वाली इंजीनियरिंग सीटों का विभाजन इस प्रकार है—
23 आईआईटी में कुल 18,160 सीटें (जेईई मेन में क्वालीफाई करने के बाद जेईई एडवांस्ड के जरिए चयन)
31 एनआईटी में 24,525 सीटें
26 ट्रिपल आईटी में 9,940 सीटें
47 सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों (GFTI) में 10,228 सीटें