जयपुर में रिहायशी क्षेत्र में घुसा तेंदुआ, भीड़ ने पकड़कर दबोचा

राजधानी जयपुर में शुक्रवार देर रात एक खतरनाक स्थिति पैदा हो गई, जब गुर्जर घाटी क्षेत्र में अचानक एक तेंदुआ घरों के बीच आ पहुँचा। भोजन की तलाश में भटकते हुए यह जंगली जानवर आबादी वाले इलाके में दाखिल हो गया, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही वन विभाग को इसकी सूचना मिली, टीम मौके पर रवाना हुई, लेकिन उनके पहुँचने से पहले ही स्थानीय लोग तेंदुए के बेहद करीब पहुंच गए और उसे पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी। लाठी, डंडों और चादरों का इस्तेमाल कर लोगों ने किसी तरह उसे काबू में किया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जंगल से भटककर पहुंचा तेंदुआ, घर के पास भैंस की मौजूदगी बनी वजह

रेंज ऑफिसर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि गुर्जर घाटी का इलाका जंगलों से सटा हुआ है और पास ही प्रभातपूरी का खोला स्थित है, जहां तेंदुओं की अक्सर आवाजाही रहती है। अधिकारियों के अनुसार, यह तेंदुआ संभवतः भोजन की खोज में गलती से आबादी वाले हिस्से की ओर बढ़ गया। तेंदुआ जिस मकान के पास बैठा पाया गया, वहां भैंस बंधी हुई थी—ऐसा माना जा रहा है कि तेंदुआ इसी वजह से वहां तक पहुंच गया। सिंह ने बताया, जैसे ही सूचना मिली, हमारी टीम तुरंत रेस्क्यू के लिए निकली। लेकिन भीड़ देखकर तेंदुए ने खुद को बचाने की कोशिश की और तभी लोगों ने उसे पकड़ लिया।

लोगों की हरकत पर वन विभाग सख्त, वीडियो से हो रही पहचान

वन विभाग के अनुसार, इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। जंगली जानवर को पकड़ने और उस पर दबाव डालने की आम जनता को अनुमति नहीं होती। विभाग ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और वीडियो फुटेज के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है। रेंज ऑफिसर ने बताया कि पहली नजर में तेंदुआ घायल नहीं दिखा, फिर भी एहतियातन उसकी ट्रैकिंग की जा रही है ताकि उसकी शारीरिक स्थिति की पुष्टि की जा सके।

तेंदुए के हमले में महिला घायल, अस्पताल से मिली छुट्टी


स्थानीय लोगों के अनुसार, तेंदुए को पकड़ने की अफरा-तफरी के दौरान उसने एक महिला पर झपट्टा मारा, जिसमें वह घायल हो गई।। जिसके बाद उसे तुरंत एसएमएस अस्पताल पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे घर जाने की अनुमति दे दी। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है, जबकि वन विभाग लगातार गश्त कर रहा है ताकि तेंदुआ दोबारा आबादी क्षेत्र में न आए।