राजस्थान के जयपुर डिस्कॉम ने अपनी जमा हुई अनुपयोगी सामग्री को नीलाम कर 100 करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व अर्जित किया है। निगम ने अपने 13 सर्किल में स्टोर किए गए पुराने और बेकार सामान की ऑक्शनिंग कर चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 104 करोड़ 39 लाख रुपये की कमाई की है। यह अब तक की सबसे बड़ी स्क्रैप ऑक्शन उपलब्धि मानी जा रही है।
नीलामी में क्या-क्या बेचा गयानिगम के स्टोरेज हाउस में वर्षों से पड़े खराब ट्रांसफार्मर, लकड़ी के बॉक्स, पुराने वीसीबी, बिजली मीटर, खराब तेल, नाकारा वाहन, पुरानी केबल और लोहे के ड्रम जैसे सामान को जांच और मूल्यांकन के बाद कबाड़ घोषित किया गया। यह सामग्री सब डिवीजन और डिवीजन कार्यालय के माध्यम से सहायक भंडार नियंत्रक कार्यालय तक पहुंचाई गई, जहां से नियमित रूप से ऑक्शन आयोजित किए गए।
तेजी लाने के निर्देश और सख्त निगरानीडिस्कॉम प्रबंधन ने गुड्स मैनेजमेंट के चीफ इंजीनियर और वेयरहाउस अधिकारियों को स्क्रैप निस्तारण तेज करने के निर्देश दिए। हैड ऑफिस की टीम ने सर्किल स्तर पर सर्वे रिपोर्ट तैयार करवाई और फील्ड में पड़े स्क्रैप की लगातार निगरानी की। नतीजा यह रहा कि 2023-24 में 115, 2024-25 में 185 ऑक्शन हुए, जबकि 2025-26 में जनवरी तक 221 ऑक्शन पूरे हो चुके हैं।
पुराने वाहनों की भी नीलामीकई कार्यालयों में 15 साल से अधिक पुराने वाहन पड़े थे। परिवहन विभाग से जानकारी जुटाकर 48 वाहनों को ऑक्शन में लाया गया, जिनमें से 34 वाहनों की सफल नीलामी हुई।
वित्तीय वर्ष के अंत तक उम्मीदेंवित्तीय वर्ष समाप्त होने में अभी दो महीने बाकी हैं। निगम को उम्मीद है कि कुल स्क्रैप से कमाई 125 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। यह पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक राजस्व होगा।
कौन-कौन से सर्किल ने सबसे ज्यादा कमाई कीअलवर वृत्त ने 24.79 करोड़ रुपये, जबकि जयपुर जिला वृत्त ने 21.99 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया। इसके बाद दौसा, भरतपुर, कोटा, जयपुर शहर, बारां, सवाई माधोपुर, बूंदी, टोंक, करौली, झालावाड़ और धौलपुर का योगदान रहा।