631 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, मेट्रो फेज-2 से जयपुर को मिलेगी नई रफ्तार: भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक बुनियादी सुविधाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। बिजली, पानी, सड़क और अन्य आवश्यक सेवाओं के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए सरकार अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक राहत पहुंचाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राजधानी जयपुर में परिवहन व्यवस्था, स्वच्छता प्रबंधन और शहरी सुविधाओं को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जो आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।

मुख्यमंत्री बुधवार को सांगानेर स्टेडियम में आयोजित लगभग 631 करोड़ रुपये लागत के 1538 विकास कार्यों के लोकार्पण, शिलान्यास और पट्टा वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से सड़क, जलापूर्ति, विद्युत और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार एवं उन्नयन होगा, जिससे स्थानीय नागरिकों को बेहतर गुणवत्ता वाली सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार प्रदेश की 8 करोड़ जनता के कल्याण और विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

जयपुर मेट्रो फेज-2 से बदलेगी राजधानी की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना की आधारशिला रखेंगे। 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत प्रहलादपुरा से पिंजरापोल गौशाला तक मेट्रो लाइन विकसित की जाएगी, जिसके लिए कार्यादेश भी जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल यातायात को अधिक सुगम बनाएगी, बल्कि लोगों के समय की बचत के साथ राजधानी के शहरी विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में कई ऐसी योजनाएं शुरू की गई हैं, जिन्होंने देश के शहरों को विकास के नए केंद्रों के रूप में स्थापित किया है। स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूत किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के जरिए ‘हर परिवार को आवास’ के लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना से लाखों रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक मजबूती मिली है, वहीं अमृत योजना के जरिए पेयजल, सीवरेज और हरित क्षेत्रों जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण और ठोस कचरा प्रबंधन में भी व्यापक सुधार देखने को मिला है।
‘विकास भी, विरासत भी’ की सोच के साथ आगे बढ़ रहा जयपुर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जयपुर के आधारभूत ढांचे को मजबूत कर नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि जयपुर-भीलवाड़ा रोड स्थित मुहाना मोड़ जंक्शन पर 124 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा बंबाला क्षेत्र में 88 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सीवरेज कार्यों के लिए एसटीपी का निर्माण, पृथ्वीराज नगर में सैटेलाइट अस्पताल तथा भांकरोटा में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना की आधारशिला भी रखी गई है।

इसके साथ ही सांगानेर क्षेत्र के 115 मंदिरों के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्यों की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिटी मॉल, रिद्धि-सिद्धि फ्लाईओवर, सांगानेर एलिवेटेड रोड और द्रव्यवती नदी विकास परियोजना जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक विकास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को साथ लेकर चल रही है, इसलिए ‘विकास भी, विरासत भी’ का मूलमंत्र हर परियोजना में दिखाई देता है।

हाईटेक होगी शहर की सफाई व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने के लिए सफाई व्यवस्था में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार जयपुर नगर निगम को कचरा संग्रहण के लिए पांच अत्याधुनिक मैकेनिकल लिटर पिकर मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। ये मशीनें फुटपाथों, संकरी गलियों और ट्रांसफार्मरों के आसपास जैसे कठिन स्थानों से भी प्रभावी ढंग से कचरा एकत्र कर सकेंगी, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिल रहा कानूनी अधिकार

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को स्वामित्व कार्ड वितरित किए। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के कानूनी अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। ड्रोन तकनीक के माध्यम से गांवों की आबादी भूमि का सर्वेक्षण कर ग्रामीणों को उनकी संपत्तियों का स्वामित्व प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश के 8 हजार से अधिक गांवों में ड्रोन सर्वे पूरा किया जा चुका है और लगभग 14 लाख स्वामित्व कार्ड जारी किए जा चुके हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सीवरेज सफाई के लिए सुपर सकर मशीन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विशेष प्रचार वाहनों को भी रवाना किया गया। उन्होंने सफाई सेवा मैराथन के विजेताओं को चेक वितरित कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, सांसद मंजू शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।