जयपुर: सोमवार मध्यरात्रि के बाद सिविल लाइन्स स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ होली पूजा का आयोजन किया। उन्होंने निवास परिसर के श्री राज राजेश्वरी मंदिर प्रांगण में विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की खुशहाली, समृद्धि तथा स्वास्थ्य की कामना की। इसके उपरांत होलिका दहन की परंपरा के अनुसार अग्नि में होलिका का दहन संपन्न हुआ, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएंइस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को रंगोत्सव होली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि यह सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और प्रेम की भावना को मजबूत करने का अवसर है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे मिलजुलकर एक समन्वित और प्रगतिशील राजस्थान के निर्माण में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि होलिका दहन हमें यह संदेश देता है कि नकारात्मकता, अन्याय और बुराई का अंत निश्चित है, जबकि सत्य, सद्भाव और अच्छाई की जीत होती है। इस पर्व के माध्यम से समाज में एकता, आपसी विश्वास और सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने का संकल्प लेना चाहिए।
सांस्कृतिक प्रस्तुति और पारंपरिक होली गीतकार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस मौके पर राजस्थान पुलिस की आरएसी बटालियन के जवानों ने चंग की थाप पर पारंपरिक होली गीतों और नृत्यों की रंगारंग प्रस्तुति दी, जिसने पूरे समारोह को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया और उनके समर्पण तथा सेवाओं की सराहना की।
सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक संदेश
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आयोजित होली पूजन ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का संदेश भी दिया। सीएम ने कामना की कि यह होली प्रदेश में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और समृद्धि लेकर आए, तथा सभी नागरिकों के जीवन में खुशियों और सौहार्द की बहार लाए। समारोह ने यह स्पष्ट किया कि होली केवल उत्सव का नाम नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्य जोड़ने का भी अवसर है।