जयपुर: राजधानी की कड़ी सुरक्षा वाली सेंट्रल जेल में मोबाइल मिलने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। जेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर चलाए जा रहे आकस्मिक तलाशी अभियानों के दौरान गुरुवार को चार बंदियों के पास मोबाइल बरामद हुए। इसके अलावा, दो मोबाइल लावारिस हालत में पाए गए। इस महीने अब तक जेल से मोबाइल मिलने के 16-17 मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि इन सभी मामलों की जांच गांधीनगर एसीपी के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम (SIT) करेगी, जो पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है।
चार वार्ड में तलाशी अभियानजयपुर के लालकोठी थाना प्रभारी प्रकाश राम ने बताया कि जेल प्रहरी राजन मीणा की रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को एक मुकदमा दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि 25 सितंबर को दिन में कारागार प्रमुख राजेश डूकिया के नेतृत्व में वार्ड नंबर 3, 5 और 6 में आकस्मिक तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान वार्ड 3 के बैरक दो में बंदी दानिश मोहम्मद के पास मोबाइल मिला। वार्ड 6 में एक मोबाइल लावारिस पाया गया। वहीं, वार्ड 5 में बंदी गोगराज गढ़वाल, रोहिताश और ब्रह्मस्वरूप के पास मोबाइल और सिम बरामद हुई। इसके अलावा, वार्ड 11 में भी तलाशी के दौरान एक मोबाइल लावारिस हालत में मिला।
एसआईटी की जांच में खुलासा अपेक्षितजयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने कहा कि जेल में मोबाइल मिलने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और केवल सितंबर महीने में 16-17 मामले सामने आए हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए गांधीनगर एसीपी के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया है, जो जेल में मोबाइल की तस्करी और इसके पीछे जुड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करेगी।
बाल सुधार गृह में भी मोबाइल बरामदकमिश्नर ने बताया कि जेल में मोबाइल मिलने की घटनाओं के बाद बाल सुधार गृह में भी आकस्मिक तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान लगभग 15 मोबाइल बरामद किए गए, जिनमें एंड्रॉइड फोन भी शामिल हैं। उनका कहना है कि मोबाइल के जरिए बाल अपचारी न केवल बाहरी दुनिया से जुड़े रहते हैं, बल्कि आपराधिक नेटवर्क से भी उनका संपर्क बना रहता है। इस दिशा में जेल और बाल सुधार गृह में मोबाइल की पहुंच को लेकर जांच जारी है।