राजस्थान की राजधानी जयपुर की चहल-पहल भरी सड़कों पर लापरवाही और रईसी का ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। देर रात खरबास सर्किल पर तेज रफ्तार ऑडी कार ने सड़क किनारे खड़े और गुजर रहे 16 लोगों को रौंद डाला। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं और जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर शहर की सड़क सुरक्षा व्यवस्था और कानून के सामने अमीरों की बेलगाम हरकतों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जहां कुछ लोगों की मौज-मस्ती आम नागरिकों की जान पर भारी पड़ जाती है।
रफ्तार और नशे ने मचाया तांडवप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आधी रात के बाद करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही ऑडी कार ने खरबास सर्किल पर तबाही मचा दी। गाड़ी चला रहा दिनेश पहले से ही शराब के नशे में पूरी तरह धुत था और उसे होश-हवास नहीं था। कार में उसके साथ तीन दोस्त—मुकेश, पप्पू और सुमित—भी मौजूद थे। पीछे बैठे दोस्तों ने कई बार उसे गाड़ी धीमी चलाने की चेतावनी दी, लेकिन नशे में चूर दिनेश ने किसी की बात नहीं मानी। अचानक तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराई और फिर बेकाबू होकर सड़क किनारे लगे ठेलों पर जा चढ़ी, जहां कई लोग खड़े थे।
हादसे के बाद फरारी की साजिशटक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और कुछ ही देर में भारी भीड़ जमा हो गई। इसी अफरा-तफरी का फायदा उठाकर दिनेश वहां से फरार हो गया। कुछ दूरी पर पहुंचकर उसने अपने दोस्त डॉक्टर अशोक को फोन किया। डॉक्टर अशोक अपनी कार लेकर मौके के पास आया और दिनेश को रिंग रोड पर छोड़कर वापस लौट गया। इसके बाद दिनेश ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और पूरी तरह अंडरग्राउंड हो गया, जिससे पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गईं।
कौन है आरोपी दिनेश?पुलिस जांच में सामने आया है कि दिनेश सोलर प्लांट का बड़ा कारोबारी है और जयपुर क्षेत्र में रह रहा था। मूल रूप से वह चूरू जिले का रहने वाला है। जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि दिनेश शराब पीने का आदी है, हालांकि उसके खिलाफ पहले कोई गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं था। उसके पिता सेना से सेवानिवृत्त बताए जा रहे हैं।
दिनेश का कॉन्स्टेबल मुकेश से पुराना नाता है—दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और अच्छे दोस्त हैं। डॉक्टर अशोक भी उसके करीबी मित्रों में शामिल है। हादसे से पहले ये सभी लोग घटनास्थल के पास ही शराब पार्टी कर रहे थे। दिनेश की ऑडी में चार लोग सवार थे, जबकि उनके साथ चल रही दूसरी कार में तीन दोस्त थे। जांच से यह भी साफ हुआ कि दिनेश के अलावा बाकी तीनों ने शराब नहीं पी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने उसे गाड़ी चलाने से रोकने की कोशिश गंभीरता से नहीं की।
पुलिस की कार्रवाई, लेकिन सवाल बरकरारहादसे के 24 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक मुख्य आरोपी दिनेश को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जयपुर और चूरू में उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है, लेकिन वह अभी भी फरार है। इस मामले में डॉक्टर अशोक, कॉन्स्टेबल मुकेश, पप्पू और सुमित को हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ के दौरान इन सभी ने घटना से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। संबंधित थाने में हिट एंड रन का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि दिनेश को जल्द पकड़ लिया जाएगा, लेकिन आम लोगों के मन में सवाल है—क्या कानून अमीरों के सामने इतना बेबस है?
एक परिवार उजड़ गया, सिस्टम पर सवालइस दर्दनाक हादसे ने रईसजादों की बेकाबू जिंदगी और आम आदमी की बेबसी को उजागर कर दिया है। मृतक रमेश मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता था और घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत के बाद पूरा परिवार बेसहारा हो गया है। यह घटना दिखाती है कि कैसे सड़क पर कुछ लोग खुद को कानून से ऊपर समझते हैं और आम नागरिकों की जिंदगी उनके लिए कोई मायने नहीं रखती। इस हिट एंड रन की कहानी में एक कारोबारी, एक पुलिसकर्मी और एक डॉक्टर का नाम सामने आना व्यवस्था पर और भी गंभीर सवाल खड़े करता है।