आमेर महल में हाथी सवारी फिर शुरू, किराया ₹2500, पर्यटकों और महावतों में उत्साह की लहर

राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित ऐतिहासिक आमेर महल (Amer Fort) में आज से हाथी सवारी (Elephant Ride) पुनः शुरू हो गई है। पिछले कुछ समय से भारी बारिश और सुरक्षा कारणों के चलते यह सेवा बंद थी, जिससे न केवल हाथी मालिकों बल्कि पर्यटकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। अब सवारी शुरू होने से देशी-विदेशी पर्यटक इस अद्भुत अनुभव का आनंद ले सकेंगे और हाथी मालिकों को आर्थिक राहत भी मिली है।

हाथी सवारी का नया किराया


हाथी सवारी की नई दरें भी लागू कर दी गई हैं। पहले ₹1500 प्रति सवारी लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर ₹2500 कर दिया गया है। इस बढ़ोतरी से हाथी मालिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, क्योंकि पुराने किराए पर हाथियों की देखभाल और पालन-पोषण मुश्किल हो रहा था।

सवारी बंद रहने के कारण

आमेर महल के अधीक्षक राकेश छोलक ने बताया कि हाल ही में हुई भारी बारिश की वजह से महल के रास्ते पर ज्वाला माता मंदिर के पास रामबाग की दीवार का एक बड़ा हिस्सा ढह गया था। पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने हाथी सवारी को अगले आदेश तक रोक दिया था।

सवारी बंद होने के दौरान हाथी गांव में वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी, लेकिन पर्यटकों की संख्या कम होने के कारण हाथी मालिकों को अपने हाथियों के रखरखाव में भारी दिक्कतें आईं। एक हाथी पर प्रतिदिन ₹4,000 से अधिक खर्च आता है, जिसमें भोजन, दवाई और अन्य देखभाल शामिल हैं। हाथी सवारी बंद होने से यह उनकी आय का एकमात्र स्रोत भी प्रभावित हुआ।

बढ़ी हुई दरों से मिली राहत

हाथी विकास समिति के अध्यक्ष बल्लू खान ने बताया कि ₹2500 नई दर लागू होने से हाथी मालिकों और महावतों में खुशी है। उन्होंने कहा, “पहले ₹1500 में हाथियों का सही देखभाल करना मुश्किल था। अब पुरातत्व विभाग की नई दरों से हम अपने हाथियों की अच्छी तरह से देखभाल कर पाएंगे।”

सरकार की पहल से समस्या का समाधान

बल्लू खान ने यह भी बताया कि हाथी सवारी बंद होने से हाथी मालिकों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही थी और उन्होंने सरकार से हाथी कल्याण कोष से आर्थिक मदद की अपील भी की थी। हाथी सवारी के फिर से शुरू होने और दरों में वृद्धि से यह संकट अब समाप्त हो गया है।

पर्यटकों और गाइडों में उत्साह

पर्यटक गाइडों का कहना है कि अक्टूबर में पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले हाथी सवारी का चालू होना पर्यटकों को आकर्षित करेगा। आमेर महल की भव्यता और हाथियों की सज-धज में भारतीय संस्कृति का अनुभव पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण है। पर्यटकों ने भी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आमेर महल का अनुभव हाथी सवारी के बिना अधूरा लगता था, जो अब पूरा हो गया है।