इंडिया स्टोनमार्ट 2026: सीएम भजनलाल ने कहा, राजस्थान का पत्थर हमारी सांस्कृतिक विरासत और उज्जवल भविष्य दोनों है

जयपुर: जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), सीतापुरा स्थित मुग्धा कन्वेंशन हॉल में इंडिया स्टोनमार्ट 2026 का उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। यह भव्य आयोजन 5 से 8 फरवरी तक चलेगा। उद्घाटन समारोह में उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और अपर मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

सीएम भजनलाल शर्मा ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट केवल एक व्यापारिक मेला नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, शिल्प परंपरा और औद्योगिक सामर्थ्य का साझा मंच है। उन्होंने बताया कि आज पूरी दुनिया भारत को निवेश और बाजार के रूप में देख रही है, और राजस्थान का संगमरमर और सैंडस्टोन जैसे प्राकृतिक संसाधन निवेश के लिए अत्यधिक उपयुक्त हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 85 प्रकार के खनिज पाए जाते हैं और प्रत्येक जिले की अपनी विशिष्ट स्टोन पहचान है।

राजस्थान के पत्थर का वैश्विक महत्व

भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के पत्थर का उपयोग राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और सुप्रीम कोर्ट जैसे प्रतिष्ठित निर्माणों में हुआ है। इन पत्थरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सही निर्माण के बाद इनमें मेंटेनेंस की जरूरत बहुत कम होती है। मुख्यमंत्री ने वन डिस्ट्रिक्ट–वन प्रोडक्ट और वन डिस्ट्रिक्ट–वन स्टोन के विजन पर बल देते हुए MSME और छोटे-मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने श्रमिकों के सम्मान, उचित मजदूरी, सुरक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर सरकार की प्राथमिकता को भी रेखांकित किया। उद्योग जगत से आह्वान किया कि टीम बनाकर आधुनिक तकनीक अपनाएं और राजस्थान के पत्थर को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाएं।

इतिहास खुद बोलता है

उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राजस्थान ऐसा प्रदेश है जहां इतिहास खुद बोलता है, लिखने की जरूरत नहीं। 2007 में शुरू हुआ इंडिया स्टोनमार्ट अब अपने 13वें संस्करण में पहुँच चुका है और वैश्विक मंच के रूप में स्थापित हो गया है। उन्होंने बताया कि इस बार स्टोनमार्ट में ईरान, इटली, तुर्की और चीन समेत 66 अंतरराष्ट्रीय कंपनियां हिस्सा ले रही हैं, जो आयोजन की ग्लोबल पहचान को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार स्टोन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यहां उद्यमी कार्यरत रहें, फाइलें नहीं। स्टोन मार्ट में स्टोन, मशीनरी, नई तकनीक, डिजाइन और वैल्यू-एडिशन से जुड़े स्टॉल्स की व्यवस्था की गई है।

स्टोन मार्ट की मुख्य विशेषताएँ

जयपुर के JECC में 5-8 फरवरी तक भव्य आयोजन।

25,000 वर्ग मीटर से अधिक प्रदर्शनी क्षेत्र।

539 स्टॉल्स में स्टोन, मशीनरी और वैल्यू-एडेड उत्पादों का प्रदर्शन।

चीन, तुर्की, ईरान, थाईलैंड, इटली सहित अन्य देशों से प्रदर्शक शामिल।

अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, UAE, ग्रीस, श्रीलंका, अफ़ग़ानिस्तान, मॉरीशस, जर्मनी और रूस समेत 20+ देशों से अंतरराष्ट्रीय विजिटर्स, खरीदार, आर्किटेक्ट्स, डेवलपर्स और उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी।

इस तरह इंडिया स्टोनमार्ट 2026 न केवल राजस्थान के पत्थर उद्योग की ताकत को प्रदर्शित करता है, बल्कि यह राज्य को वैश्विक व्यापार और सांस्कृतिक मंच पर मजबूती से स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण कदम भी है।