आयकर छापेमारी का डर दिखाकर 90 लाख की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

जयपुर: राजधानी में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां आयकर विभाग की छापेमारी का भय दिखाकर एक व्यक्ति से 90 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित ने यह बड़ी रकम अपने प्लॉट को बेचकर इकट्ठा की थी। इस पूरे मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य साजिशकर्ता और उसे जानकारी देने वाला व्यक्ति दोनों शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मुंबई, भोपाल और उदयपुर जैसे शहरों में घूमने चला गया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 77.50 लाख रुपये बरामद किए हैं। जयपुर (पश्चिम) डीसीपी प्रशांत किरण ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के नाम बाबूलाल वर्मा और रोहित वर्मा हैं।

बहाने से ले गया पूरी रकम

पुलिस जांच के अनुसार, 3 अप्रैल को पीड़ित ने मुरलीपुरा थाने में मामला दर्ज करवाया था। शिकायत में बताया गया कि उसने 17 मार्च को अपना प्लॉट बेचकर 90 लाख रुपये प्राप्त किए थे। अगले ही दिन सुबह एक व्यक्ति उसके पास आया, जिसने खुद को आयकर विभाग की कार्रवाई से जुड़ा बताते हुए छापेमारी का डर दिखाया और पैसे को सुरक्षित जगह रखने की सलाह दी।

इसके बाद वह व्यक्ति पीड़ित को एक घर पर ले गया और कहा कि यह उसके भाई का मकान है, जहां पैसे सुरक्षित रहेंगे। भरोसा दिलाकर उसने पैसे से भरा बैग एक पुराने फ्रिज में रखवा दिया। इसके बाद आरोपी ने खाना खाने जाने का बहाना बनाया और वहां से निकल गया। कुछ समय बाद जब पीड़ित ने देखा तो फ्रिज में रखा पैसों से भरा बैग गायब था, जिससे उसके होश उड़ गए।
रोहित ने दी थी पूरी जानकारी, फिर रची साजिश

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरी योजना की शुरुआत रोहित वर्मा की जानकारी से हुई थी। रोहित ने ही बाबूलाल को बताया था कि पीड़ित ने हाल ही में अपना प्लॉट बेचकर बड़ी रकम हासिल की है। इसी जानकारी के आधार पर बाबूलाल ने पूरी ठगी की साजिश तैयार की और वारदात को अंजाम दिया।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि घटना के बाद बाबूलाल ने अपनी पहचान छुपाने के लिए मुंबई, भोपाल और उदयपुर की यात्रा की। पुलिस ने करीब 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान सुनिश्चित की गई। पूछताछ में यह भी पुष्टि हुई कि पीड़ित की जानकारी रोहित ने ही साझा की थी, जिससे यह पूरा षड्यंत्र सफल हो सका।

लूट की रकम से चुकाया बैंक लोन भी


मुरलीपुरा थानाधिकारी वीरेंद्र कुरील ने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बरामदगी की कार्रवाई तेज कर दी। जांच में पुलिस ने बाबूलाल के पास से लगभग 52 लाख रुपये बरामद किए, जबकि रोहित के पास से 50 हजार रुपये मिले हैं।

चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि बाबूलाल ने ठगी की रकम में से करीब 25 लाख रुपये का बैंक लोन भी चुका दिया था। पुलिस ने वह रकम भी रिकवर कर ली है। फिलहाल बाकी बचे पैसों की तलाश और बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

आरोपी बाबूलाल मूल रूप से चूरू जिले का रहने वाला है और वर्तमान में जयपुर के हरमाड़ा इलाके स्थित लोहामंडी में किराए पर रह रहा था। वहीं दूसरा आरोपी रोहित नेपाल का मूल निवासी है और जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा था।