राजस्थान में गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे श्रद्धा और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। लोग परंपरा के अनुसार ढाई, तीन या दस दिन तक घरों में गणपति की प्रतिमा स्थापित करते हैं और फिर नदियों, तालाबों या कुंडों में उनका विसर्जन करते हैं। मगर कई बार यह धार्मिक उत्सव लापरवाही के चलते दुखद हादसे का रूप ले लेता है। आबू रोड क्षेत्र से ऐसा ही मामला सामने आया, जिसने जश्न के माहौल को ग़मगीन कर दिया।
नदी में उतरे युवक, बहाव ने लिया अपने साथकिवरली इलाके की बनास नदी में गणपति विसर्जन के दौरान पांच युवक नहाने के लिए पानी में उतरे। तेज धारा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों और साथियों ने चार युवकों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन 25 वर्षीय पिंटू उर्फ बिट्टू राणा गहरे पानी में समा गया। उसकी खोजबीन अब भी जारी है और परिजन नदी किनारे उसकी सुरक्षित वापसी की आस लगाए खड़े हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन दिन-रात जारीघटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। SDRF और गोताखोरों ने पूरी रात नदी में सर्च अभियान चलाया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। सोमवार की सुबह फिर से रेस्क्यू टीम ने तलाश शुरू की। लगभग 15 घंटे बीत जाने के बावजूद युवक का सुराग न लग पाने से गांव वालों और परिवार की बेचैनी बढ़ती जा रही है।
बढ़ता बहाव बना चुनौतीतहसीलदार डूंगरमल पुरोहित ने बताया कि नदी में पानी का बहाव असामान्य रूप से तेज है, जिसके कारण रेस्क्यू कार्य प्रभावित हो रहा है। वेस्ट बनास बांध के ओवरफ्लो का पानी भी नदी में मिलने से धारा और खतरनाक हो गई है। गोताखोरों को गहराई और तेज धार दोनों से जूझना पड़ रहा है।
चेतावनी के बावजूद लापरवाहीस्थानीय लोगों ने बताया कि इस स्थान पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। प्रशासन समय-समय पर सावधानी बरतने की चेतावनी देता रहा है, फिर भी विसर्जन के दौरान लोग नहाने से बाज नहीं आते। अधिकारियों ने एक बार फिर अपील की है कि नदी-नालों और रपटों के पास न जाएं और उत्सव के बीच सुरक्षा नियमों का पालन ज़रूरी है।
प्रशासन और ग्रामीणों की मौजूदगीघटना स्थल पर तहसीलदार डूंगरमल पुरोहित, एसआई गोकुलराम, आरआई सुखराज, पटवारी लक्ष्मण और पुलिसकर्मी लगातार डटे हुए हैं। वहीं, बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे जुटे हैं और लापता युवक की सुरक्षित वापसी के लिए दुआएं मांग रहे हैं।