फतेहपुर में सर्दी ने तोड़ा रिकॉर्ड, तापमान -3.4 डिग्री तक लुढ़का; शीतलहर और घने कोहरे से जनजीवन अस्त-व्यस्त

शेखावाटी अंचल में ठंड का प्रकोप लगातार तीव्र होता जा रहा है। सीकर जिले के फतेहपुर में रविवार (11 जनवरी) को न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे गिरकर -3.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके साथ ही फतेहपुर देश के मैदानी इलाकों में सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। कृषि अनुसंधान केंद्र में दर्ज किया गया यह तापमान मौजूदा सर्दी के मौसम का अब तक का सबसे निचला स्तर बताया जा रहा है। भीषण ठंड का असर खेतों तक साफ नजर आया, जहां फसलों और सिंचाई की पाइप लाइनों पर बर्फ की परत जम गई। कई इलाकों में खुले में रखे बर्तनों में पानी पूरी तरह जम गया। देर सुबह तक सर्द हवाओं और ठिठुरन ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। कोहरे और शीतलहर के प्रभाव के चलते जिले में लगातार तीसरे दिन ‘कोल्ड डे’ जैसी स्थिति बनी रही।

शीतलहर ने बढ़ाई रोजमर्रा की परेशानियां

फतेहपुर कृषि अनुसंधान केंद्र के अनुसार, तेज शीतलहर के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय लोग घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। आवश्यक काम से बाहर निकलने वाले लोग भी सिर से पांव तक गर्म कपड़ों में लिपटे दिखाई दिए। ठंड से राहत देने के लिए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह अलाव जलाए गए, जहां लोग सर्दी से बचने के लिए जुटते रहे।

वाहनों पर जमी बर्फ, दृश्यता बेहद कम

कड़ाके की ठंड के साथ इस सीजन का सबसे घना कोहरा भी इलाके में छाया रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर दृश्यता घटकर लगभग 30 मीटर तक सिमट गई, जिससे वाहनों की रफ्तार थम सी गई और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों की छतों और शीशों पर बर्फ की परत जमी नजर आई, जो सर्दी की तीव्रता को साफ दर्शा रही थी।

शेखावाटी में ठंड का असर बरकरार

कृषि अनुसंधान केंद्र के मौसम विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र पारीक ने बताया कि शेखावाटी क्षेत्र के अनेक हिस्सों में शीतलहर का प्रभाव लगातार बना हुआ है। उनके अनुसार, रविवार को आसमान साफ रहने के बावजूद रात के तापमान में असाधारण गिरावट दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान माइनस 3.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में भी ठंड से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम है।