राजस्थान की चर्चित कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत ने उनके समर्थकों और अनुयायियों को सदमे में डाल दिया है। साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट से मौत के बाद साझा किए गए एक पोस्ट ने इस घटना को और संदिग्ध बना दिया। आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल समेत कई जनप्रतिनिधियों ने उनकी रहस्यमयी मौत की सीबीआई जांच की मांग की है।
संदिग्ध परिस्थितियों में मौतबुधवार शाम साध्वी प्रेम बाईसा अचानक अचेत हो गईं। उनके पिता ब्रह्मनाथ और एक अन्य व्यक्ति उन्हें शाम 5:45 बजे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
साध्वी के समर्थक उनके पिता और जोधपुर स्थित आश्रम पर सवाल उठा रहे हैं। पाल रोड स्थित साधना कुटीर आश्रम के बाहर देर रात बड़ी संख्या में उनके अनुयायी जमा हो गए और मौत की गहन जांच की मांग की। साध्वी के पिता ने दावा किया कि मौत किसी गलत इंजेक्शन के कारण हुई।
इंस्टाग्राम पोस्ट में साध्वी का संदेशमृत्यु के बाद साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट साझा किया गया, जिसमें उन्होंने लिखा: मैंने हर क्षण सनातन धर्म के प्रचार के लिए जिया। दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म नहीं है। आज अंतिम श्वास तक मेरा दिल सनातन में है। मेरा सौभाग्य है कि जन्म और मृत्यु दोनों सनातन के लिए हुए।
साध्वी ने आगे लिखा,मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य, विश्व योग गुरुओं और पूज्य संत महात्माओं का आशीर्वाद हमेशा बना रहा। मैंने इन संतों को पत्र लिखकर अग्नि परीक्षा का निवेदन किया, लेकिन प्रकृति ने कुछ और तय किया। मैं इस दुनिया को अलविदा कह रही हूं, लेकिन ईश्वर और संतों पर मेरा पूर्ण विश्वास है। न्याय मिलेगा, चाहे जीवित रहते या इस जीवन से विदा होते।
साध्वी का जीवन और आध्यात्मिक यात्रासाध्वी प्रेम बाईसा मूलतः बालोतरा जिले के परेऊ गांव की निवासी थीं। उनके पिता विरमनाथ ट्रक ड्राइवर थे और माता अमरू बाईसा गृहिणी। मां के निधन के बाद पिता ने प्रेम बाईसा को जोधपुर स्थित गुरुकृपा आश्रम भेजा, जहां राजाराम जी महाराज और संत कृपाराम जी महाराज के सानिध्य में उन्होंने कथा वाचन और भजन के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया।
पैतृक गांव में आश्रम और विवादसाध्वी प्रेम बाईसा जब भागवत कथा और भजन गायन के लिए मशहूर हो गईं, तब उन्होंने गुरुकृपा आश्रम से अलग होकर जोधपुर के पाल रोड पर साधना कुटीर आश्रम की स्थापना की। उनके इस आश्रम के उद्घाटन में बाबा रामदेव समेत कई प्रमुख साधु-संत उपस्थित थे।
साध्वी ने अपने पैतृक गांव परेऊ में भी आश्रम बनाया, जहां समय-समय पर भागवत कथा और अन्य धार्मिक आयोजन आयोजित किए जाते थे। हालांकि, गांव में परिवार और जमीन को लेकर विवाद भी सामने आया था, जिसके लिए उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी।
छह महीने पुराना सोशल मीडिया विवादलगभग छह महीने पहले साध्वी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसने विवादों को जन्म दिया। वीडियो में साध्वी और उनके पिता के गले लगने पर सवाल उठाए गए थे, जिस पर साध्वी ने अपनी आपत्ति जताई थी।