दौसा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। रविवार (5 अप्रैल) को नेशनल हाईवे-21 पर मेहंदीपुर बालाजी थाना क्षेत्र के खेड़ा पहाड़पुर के पास तीन ट्रेलरों की आपस में जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण दुर्घटना में एक युवक की जान चली गई, जो मौके पर घायलों की मदद करने के लिए पहुंचा था। हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे की शुरुआत तब हुई जब आगे चल रहे एक ट्रेलर का टायर अचानक फट गया। चालक ने तुरंत ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन पीछे से आ रहा दूसरा ट्रेलर तेज रफ्तार में होने के कारण समय पर नहीं रुक सका और जाकर उससे टकरा गया। इस टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। इसी बीच पीछे से आ रहा एक तीसरा ट्रेलर भी नियंत्रण खो बैठा और पहले से खड़े ट्रेलरों में जा घुसा। इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक, जो घायलों की मदद कर रहा था, हादसे की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। ट्रेलरों के केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे, जिसके चलते घायलों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी प्रयासों के बाद तीनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतक युवक की पहचान की जा रही है और उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है।
इस हादसे का असर हाईवे यातायात पर भी साफ दिखाई दिया। दुर्घटना के बाद भरतपुर की ओर जाने वाली लेन पर करीब ढाई घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। सैकड़ों वाहन सड़क पर फंसे रहे, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को धीरे-धीरे सामान्य करने का प्रयास किया।
फिलहाल पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और फरार ट्रेलर चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। साथ ही हादसे के पीछे की असली वजहों की भी जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को इस दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। इस घटना के बाद एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।