जयपुर: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा—चाहे वह कितना ही प्रभावशाली नेता या ऊंचे पद पर बैठा अधिकारी क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी करने वाले लगातार कानून के शिकंजे में आ रहे हैं। विपक्ष भले ही अपने समय में धांधली न होने के दावे करता रहे, लेकिन जांच में सच्चाई सामने आएगी कि गड़बड़ियां कब, कैसे और किन लोगों ने कीं। जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय मेगा पीटीएम कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बातें कहीं।
पिछले पांच सालों की गड़बड़ियां अब उजागर:अपने संबोधन में सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक होते रहे, और अब उसी दौर से जुड़े लोग पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राजस्थान के युवाओं के सपनों को कुचलने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी, चाहे उनका कद कितना भी बड़ा क्यों न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि विरोधी चाहे जितने बयान दें, लेकिन जिसने भी गलत किया है—चाहे वह अधिकारी हो या राजनेता—उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोग गरीबों की पीड़ा नहीं समझते।
ओएमआर शीट में भी होता था खेल:सीएम ने कहा कि वे जानते हैं कि कैसे गरीब और मजदूर परिवार कर्ज लेकर बच्चों की पढ़ाई करवाते हैं। जब मेहनत से पढ़े बच्चों के सपनों को तोड़ा जाता है, तो केवल छात्र ही नहीं, उनके माता-पिता की आंखों में भी आंसू होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ओएमआर शीट में भी गड़बड़ी कर दी जाती थी और मेहनती छात्रों को इसका पता तक नहीं चलता था। मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया कि विपक्ष चाहे जैसे भी बयान दे, दोषी पाए जाने पर सजा से कोई नहीं बचेगा। इस मेगा पीटीएम कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, जयपुर सांसद मंजू शर्मा, जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह और सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा भी मौजूद रहे।
हजार करोड़ से ज्यादा की सौगात:कार्यक्रम के दौरान सरकार ने छात्राओं और लाभार्थियों को बड़ी राहत दी। गार्गी पुरस्कार के तहत 127 करोड़ रुपये की राशि पात्र छात्राओं के खातों में ट्रांसफर की गई। यह पुरस्कार दसवीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाली छात्राओं को दिया जाता है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना के तहत 53 करोड़ रुपये की राशि 4.40 लाख विद्यार्थियों के खातों में भेजी गई। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि भी लाभार्थियों को दी गई। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के कई स्कूलों के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद भी किया।
बसंत पंचमी और नेताजी की जयंती का संदेश:सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि बसंत पंचमी और नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर मेगा पीटीएम का आयोजन अपने आप में खास है। यह दिन नवचेतना और नवसृजन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य और राष्ट्र की मजबूती के लिए विद्यार्थियों का सशक्त होना जरूरी है। हमारी सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय चेतना को संजोना हम सबकी जिम्मेदारी है। महापुरुषों ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और अब उनके सपनों को पूरा करने की जिम्मेदारी हमारी है। युवा शक्ति को उन्होंने देश और प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी बताया और कहा कि भारत आज अमृतकाल में प्रवेश कर चुका है, जहां वह वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है।
विदेशी भाषा सीखने के नए अवसर:मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ सरकारी नौकरियां देना नहीं, बल्कि निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर बढ़ाना है। उन्होंने जोर दिया कि प्रदेश का युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने—इसके लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को मजबूती दी जा रही है। सीएम ने घोषणा की कि राजस्थान के स्कूल और कॉलेजों में विदेशी भाषाएं सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। जयपुर में विदेशी भाषा संचार कौशल स्कूल खोलने की भी घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि युवाओं को काम के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े। अंत में उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की अपील की और छात्रों से कहा कि प्रतिस्पर्धा को खुद पर हावी न होने दें।