जनता से जुड़ाव का सादा अंदाज़: CM भजनलाल शर्मा ने टी-स्टॉल पर बनाई चाय, PM मोदी को जन्मदिन पर अनोखा तोहफ़ा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर ऐसा अनोखा अंदाज़ अपनाया, जिसने आमजन के दिलों को छू लिया। जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में स्थित शिप्रापथ रोड पर एक साधारण चाय स्टॉल पर उन्होंने न केवल खुद चाय बनाई, बल्कि स्थानीय लोगों के साथ बैठकर कुल्हड़ में चाय की चुस्कियां भी लीं। उनके इस आत्मीय और ज़मीनी व्यवहार ने न केवल वहां मौजूद लोगों को चौंकाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि एक जननेता की असली ताक़त उसकी सादगी और जनता से सीधा संवाद है।

चाय की चुस्कियों के बीच मुख्यमंत्री ने लोगों से सहजता से बातचीत की, व्यापारियों की बात सुनी और राह चलते लोगों के साथ गर्मजोशी से मुलाकात की। उन्होंने न केवल उनकी समस्याएं सुनीं, बल्कि यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार आमजन की तकलीफ़ों को प्राथमिकता से हल करेगी। इस दौरान कोई भारी सुरक्षाबल या औपचारिकता नहीं थी, सिर्फ एक मुख्यमंत्री और उसकी जनता के बीच मानवीय रिश्ता था, जो राजनीति की चकाचौंध में अक्सर खो जाता है।

यह पहला मौका नहीं है जब भजनलाल शर्मा ने अपनी सादगी से लोगों को प्रभावित किया हो। इससे पहले मई 2025 में भी वह बीकानेर जाते समय जयपुर रोड पर एक छोटे से चाय के ठेले पर रुके थे और वहीं चाय पीते हुए बेटियों को शिक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि बेटियां सिर्फ घर की नहीं, समाज और देश की रीढ़ होती हैं, और उन्हें पढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे छोटे लेकिन प्रभावशाली संवाद उनकी कार्यशैली की पहचान बनते जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने न सिर्फ चाय बनाई, बल्कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की भी शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने नागरिकों को स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ने का आग्रह किया और स्वच्छता की शपथ भी दिलवाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सीवरेज नीति का लोकार्पण किया, सफाईकर्मियों को पीपीई किट वितरित की और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को मंच पर सम्मानित भी किया। यह पूरा कार्यक्रम न केवल प्रतीकात्मक था, बल्कि यह दर्शाता है कि सरकार स्वच्छता, सम्मान और सहभागिता के सिद्धांतों पर आगे बढ़ रही है।

राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जिस प्रकार आमजन से जुड़े रहने का प्रयास कर रहे हैं, वह राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम है। सियासत में जब नेता आम जनता से कटने लगते हैं, तब ऐसे सहज पल ही उन्हें फिर से जमीन से जोड़ते हैं। जयपुर की चाय स्टॉल पर गर्म कुल्हड़ में रखी चाय की खुशबू के साथ मुख्यमंत्री की यह मुलाकात न केवल एक प्रतीक बनी, बल्कि जनता के बीच भरोसे का एक नया अध्याय भी।