मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना: 5 लाख किसानों को 364 करोड़ की राहत, खातों में सीधे ट्रांसफर हुई राशि

राजस्थान सरकार ने राज्य के दुग्ध उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत करोड़ों रुपये की सहायता राशि उनके खातों में ट्रांसफर की है। जयपुर में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान 364 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की गई, जिससे प्रदेश के करीब 5 लाख पंजीकृत दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को सीधा लाभ पहुंचा है।

यह भुगतान जनवरी 2025 से जुलाई 2025 की अवधि के लिए केंद्र और राज्य सरकार की साझी पहल से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली के माध्यम से किया गया है, जिससे किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

दूध पर प्रति लीटर ₹5 का अनुदान

राज्य के पशुपालन, गोपालन और डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि योजना के तहत सरस डेयरी से जुड़ी दुग्ध समितियों को दूध बेचने वाले किसानों को प्रति लीटर ₹5 का अनुदान सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जा रहा है। इस योजना से लगभग 5 लाख किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिला है।

उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने इस योजना हेतु ₹650 करोड़ का बजट निर्धारित किया है ताकि अधिक से अधिक पशुपालक किसान इस योजना से जुड़ सकें और राज्य में दूध उत्पादन को नई दिशा मिल सके।

24 जिलों के किसानों को मिला भुगतान

योजना के अंतर्गत राजस्थान के 24 जिलों के किसानों के खातों में यह राशि ट्रांसफर की गई है। इनमें जयपुर जिले को सबसे अधिक ₹139.07 करोड़ का भुगतान किया गया। इसके अलावा नागौर, भीलवाड़ा, जालोर, अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, भरतपुर, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, चूरू, झालावाड़, श्रीगंगानगर सहित अन्य जिलों के किसानों को भी यह आर्थिक सहायता दी गई।

मंत्री कुमावत ने बताया कि सभी भुगतान DBT प्रणाली के जरिए किए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और भ्रष्टाचार मुक्त रही।

किसानों को मिला स्थायित्व और प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना ने किसानों को न सिर्फ आर्थिक सहारा दिया है, बल्कि दूध उत्पादन में स्थिरता भी बढ़ाई है। जयपुर जिले के किसान श्रवण सिंह ने बताया कि “सरकार की इस मदद से दूध उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है और हमारी मासिक आय में भी स्थायित्व आया है। यह योजना हमारे लिए बहुत बड़ा सहारा है।”

राज्य सरकार का मानना है कि यह योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और डेयरी उद्योग को संगठित करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।

डेयरी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी

राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में राज्य को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाए। इसके लिए किसानों को न केवल आर्थिक सहायता दी जा रही है, बल्कि तकनीकी प्रशिक्षण, गुणवत्ता सुधार और विपणन सुविधाओं का भी विस्तार किया जा रहा है।

सरकार की योजना है कि आने वाले महीनों में इस योजना के दायरे को और विस्तृत किया जाए ताकि छोटे और सीमांत पशुपालक भी इसका लाभ उठा सकें।

पारदर्शिता और विश्वास की मिसाल बनी योजना

मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना ने किसानों के बीच पारदर्शिता और भरोसे की भावना को मजबूत किया है। DBT के माध्यम से सीधे भुगतान से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और किसानों को समय पर राहत मिल रही है।

राज्य सरकार का कहना है कि यह योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि राजस्थान को “दुग्ध उत्पादन का हब” बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास भी है।