दिल्ली: राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा पर मतदाता सूची में नाम कटवाने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। डोटासरा ने कहा कि यह पूरा मामला सुनियोजित साजिश का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करना है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 13 तारीख को राजस्थान आए और मुख्यमंत्री निवास में ठहरे। इस दौरान 3 से 13 तारीख के बीच भाजपा के भीतर गुप्त रूप से एक खेल चला, जिसकी परिणति बड़े पैमाने पर फर्जी मतदाता सूची संशोधन के रूप में हुई।
‘फर्जी कंप्यूटरीकृत फॉर्म तैयार कराए गए’डोटासरा ने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में 10 से 15 हजार फर्जी कंप्यूटरीकृत फॉर्म तैयार कराए गए। इन फॉर्मों को भरवाने में भाजपा के विधायक, मंत्री और प्रत्याशी सक्रिय रूप से शामिल थे। डोटासरा के मुताबिक 13, 14 और 15 तारीख को हर विधानसभा क्षेत्र में हजारों फॉर्म जमा कराए गए, जिनका उद्देश्य विशेष रूप से कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटवाना था। उन्होंने कहा कि खास तौर पर उन विधानसभा क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, जहां कांग्रेस ने पिछली बार जीत दर्ज की थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विचारधारा से जुड़े लोगों के नाम चुन-चुनकर हटवाने के लिए फॉर्म भरवाए गए। इसके अलावा, डबल इंजन सरकार से नाराज मतदाताओं के समूह बनाए गए और 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के नाम भी तेजी से कटवाने के प्रयास किए गए। डोटासरा ने नियम पुस्तिका का हवाला देते हुए कहा कि ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद एक बीएलए (ब्लॉक लिस्टिंग अधिकारी) एक दिन में अधिकतम 10 फॉर्म ही स्वीकार कर सकता है, लेकिन 14 तारीख तक हजारों फॉर्म जमा कर दिए गए, जो नियमों का उल्लंघन है।
‘BLA के फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म जमा’डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा के विधायक, मंत्री और प्रत्याशियों ने बीएलए के फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए हजारों फॉर्म संबंधित एसडीएम कार्यालयों में जमा कराए। उन्होंने अपनी विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 627 फॉर्म जमा कराए गए, लेकिन जब दोबारा 2 हजार फॉर्म लेकर गए तो एसडीएम ने लेने से मना कर दिया। डोटासरा ने बताया कि कई बीएलओ मीडिया के सामने कह चुके हैं कि उन्होंने फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किए और उनके नाम से किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में फॉर्म अधूरे हैं और कई में मोबाइल नंबर तक दर्ज नहीं हैं। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इस पूरे मामले को लेकर चुनाव आयोग के अधिकारी नवीन महाजन से मुलाकात की और उन्हें फर्जीवाड़े की जानकारी दी। डोटासरा ने बताया कि अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि अगर उन्हें नौकरी जारी रखनी है तो भाजपा के फॉर्म स्वीकार करने होंगे।
कांग्रेस ने मांगी निष्पक्ष जांचप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने कई जिला कलेक्टरों से नाम कटवाने और जोड़ने से जुड़ी सूचियां मंगाई हैं, जिनकी प्रतियां उपलब्ध कराई जा सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि 15 तारीख तक भाजपा की ओर से लगभग 1,40,000 नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा लिए गए। डोटासरा ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि लोकतंत्र के साथ इस तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।