BJP में अंदरूनी कलह, डूंगरपुर में चेयरमैन के फैसले के खिलाफ भाजपा पार्षदों का बगावत पर उतरना

राजस्थान के डूंगरपुर जिले में सागवाड़ा नगरपालिका के नए भवन निर्माण को लेकर भाजपा के भीतर खींचतान खुलकर सामने आ गई है। भवन शिलान्यास समारोह से पहले भाजपा पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने पत्रकार वार्ता आयोजित कर चेयरमैन आशीष गांधी के फैसले पर सवाल खड़े किए।

चेयरमैन पर निजी स्वार्थ के आरोप


भाजपा पार्षद हरीश सोमपुरा ने आरोप लगाया कि आशीष गांधी जल्दबाजी में शहर से दूर, 40 बीघा अतिरिक्त भूमि पर नया भवन निर्माण करवा रहे हैं। पार्षदों का कहना है कि इस जमीन के पास ही चेयरमैन की 7 से 8 बीघा निजी संपत्ति है, जिससे जमीन की कीमत बढ़ाने का प्रयास हो सकता है। इसे जनता और शहर के हित के खिलाफ कदम बताया गया।

पुराना विवाद फिर उभर आया

पार्षदों ने याद दिलाया कि पहले पूर्व कांग्रेस चेयरमैन नरेंद्र खोडनिया ने भी नगरपालिका भवन को शहर से बाहर बनाने की योजना बनाई थी। उस समय भाजपा पार्षदों के विरोध के बाद सरकार ने खोडनिया को पद के दुरुपयोग के कारण निलंबित कर दिया था। अब भाजपा में शामिल होकर चेयरमैन बने आशीष गांधी पर भी वही आरोप लग रहे हैं कि वे पुराने विवाद की राह पर हैं।

ज्ञापन देने के बावजूद नहीं रुका फैसला

भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के खिलाफ चार-पाँच बार विरोध दर्ज कराया गया। मंत्री, एसडीएम, मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक ज्ञापन भेजकर शिलान्यास रोकने की मांग की गई थी। पहले कार्यक्रम को भी निरस्त किया गया था, लेकिन अब फिर से शिलान्यास की तैयारी की जा रही है।

पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप

भाजपा कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि वर्षों से पार्टी के लिए मेहनत करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके बजाय हाल ही में कांग्रेस से आए व्यक्ति को अधिक महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फैसला नहीं बदला गया, तो पार्टी को भविष्य में गंभीर नुकसान उठाना पड़ सकता है।