जयपुर। संविधान हत्या दिवस के अवसर पर गुरुवार को जयपुर के राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने आपातकाल से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उन लोगों के संघर्ष को याद किया, जिन्होंने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना किया था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के लोकतांत्रिक इतिहास में आपातकाल एक ऐसा दौर था, जिसने संवैधानिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रताओं को गंभीर चुनौती दी। उन्होंने कहा कि उस समय अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रतिबंध लगाए गए, प्रेस की स्वतंत्रता को सीमित किया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर व्यापक दबाव बनाया गया। इसके साथ ही हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं, सामाजिक नेताओं और लोकतंत्र समर्थकों को जेलों में डाल दिया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लोकतंत्र सेनानियों ने अपने साहस, धैर्य और अटूट विश्वास के बल पर लोकतंत्र की मशाल को बुझने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इन सेनानियों का संघर्ष केवल राजनीतिक लड़ाई नहीं था, बल्कि संविधान की आत्मा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए किया गया ऐतिहासिक योगदान था। उनका त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक और प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता रहेगा।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और उनके कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने के लिए संघर्ष किया, उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी सम्मान योजना के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि लोकतंत्र सेनानियों को दी जाने वाली मासिक सम्मान पेंशन को बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जा रहा है। इससे पहले यह राशि 20 हजार रुपये प्रति माह थी। सरकार के इस फैसले से राज्य के लोकतंत्र सेनानियों को आर्थिक रूप से अतिरिक्त सहायता प्राप्त होगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चिकित्सा सहायता राशि में भी वृद्धि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मिलने वाली 4 हजार रुपये प्रतिमाह की चिकित्सा सहायता को बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा, ताकि लोकतंत्र सेनानियों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में बेहतर सहयोग मिल सके।
उन्होंने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि लोकतंत्र सेनानियों को अब राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय लोकतंत्र सेनानियों के प्रति राज्य सरकार के सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों का सम्मान केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों के प्रति समाज की सामूहिक प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को संविधान के आदर्शों, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। युवाओं को उन संघर्षों के बारे में जानना चाहिए, जिनकी बदौलत देश में लोकतंत्र मजबूत हुआ और नागरिकों को अपने अधिकार प्राप्त हुए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी, जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा सहित कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को सम्मान देना और समाज को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना था।