बांसवाड़ा शहर के कंधारवाड़ी इलाके में शनिवार को एक गंभीर हादसा होते-होते टल गया। 60 साल पुराने दो मंज़िला मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। जानकारी के अनुसार, इस घटना के समय घर में परिवार के पांच वयस्क सदस्य और एक मासूम बच्चा मौजूद थे। अचानक छत से अजीब आवाज सुनकर सभी लोग समय रहते बाहर निकल गए, और उसके कुछ ही क्षणों में पूरी छत ढह गई। इस सावधानीपूर्ण प्रतिक्रिया के कारण किसी को चोट नहीं आई और बड़ा हादसा टल गया।
आर्थिक स्थिति पहले से कमजोर, अब बढ़ी मुसीबत
परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था। घर का मुखिया रोजमर्रा की जरूरतों और परिवार के खर्च के बोझ में दबा हुआ था। अब इस हादसे के बाद स्थिति और कठिन हो गई है। जानकारी के अनुसार, परिवार की आय फूल बेचकर होती है। घर में कुल दस सदस्य रहते हैं, जिनमें बुजुर्ग मां, बेटी, बहू, भाई और अन्य शामिल हैं। प्रशासन से मदद की अपील
मकान की दीवारें मिट्टी और चूने की बनी हुई थीं और लकड़ी के गार्डरों पर पत्थर की छत डली थी। इस साल बांसवाड़ा में भारी बारिश ने मकान की स्थिति को और अधिक कमजोर कर दिया था। हादसा शनिवार शाम 6 बजे हुआ, जब परिवार अपने रोजमर्रा के कामों में व्यस्त था। छत गिरने के बाद परिवार को मजबूरन किराए के मकान में शिफ्ट होना पड़ा। पीड़ित परिवार ने अब आमजन और स्थानीय प्रशासन से आर्थिक और अन्य सहायता की गुहार लगाई है।