क्या आपके पास भी ऐसा पुराना 5 रुपये का नोट मौजूद है, जिसके पीछे ट्रैक्टर चलाता किसान बना हुआ है? अगर हां, तो जरा सतर्क हो जाइए। क्योंकि जिस नोट को लोग अक्सर बेकार समझकर संभाल कर रखते हैं, वही नोट कुछ जालसाजों के लिए ठगी का नया हथियार बन गया है। राजस्थान के अजमेर जिले में एक महिला इसी तरह के एक ऑनलाइन धोखे का शिकार हो गई, जहां उसे लाखों रुपये कमाने का सपना दिखाकर बड़ी रकम ठग ली गई।
फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ लालच का खेलयह पूरा मामला अजमेर के शास्त्री नगर इलाके का है, जहां रहने वाली एक महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक आकर्षक विज्ञापन देखा। उस विज्ञापन में दावा किया गया था कि यदि किसी के पास ट्रैक्टर की तस्वीर वाला पुराना 5 रुपये का नोट है, तो उसके बदले उसे 48 लाख रुपये तक मिल सकते हैं।
इतना बड़ा ऑफर देखकर महिला का ध्यान तुरंत उस विज्ञापन की ओर खिंच गया और उसने उसमें दिए गए संपर्क नंबर पर बातचीत शुरू कर दी।
ठगों ने खुद को बताया ‘एंटीक करेंसी एक्सपर्ट’जैसे ही महिला ने संपर्क किया, जालसाजों ने खुद को एक पुरानी और दुर्लभ मुद्रा खरीदने वाली कंपनी का प्रतिनिधि बताया। बातचीत के दौरान उन्होंने महिला को भरोसे में लेने के लिए फर्जी पहचान पत्र, कंपनी के दस्तावेज और ऑफिशियल दिखने वाले कागजात भी भेजे।
ठगों ने महिला को विश्वास दिलाया कि उसके पास मौजूद 5 रुपये का नोट बेहद दुर्लभ है और इसके बदले उसे 48 लाख रुपये दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
फीस के नाम पर धीरे-धीरे उड़ाए 3.66 लाख रुपयेइसके बाद ठगी का असली खेल शुरू हुआ। जालसाजों ने कभी प्रोसेसिंग फीस, कभी जीएसटी, तो कभी रजिस्ट्रेशन चार्ज और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर लगातार पैसे मांगने शुरू कर दिए।
महिला से बार-बार कहा गया कि यह आखिरी शुल्क है, इसके बाद सीधे उसके खाते में 48 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इसी भरोसे और लालच में महिला अलग-अलग किश्तों में पैसे भेजती रही।
जब तक उसे शक हुआ, तब तक वह कुल 3 लाख 66 हजार रुपये ठगों को ट्रांसफर कर चुकी थी।
संपर्क टूटने पर खुली ठगी की पोलकुछ समय बाद जब न तो पैसे वापस आए और न ही किसी प्रतिनिधि का संपर्क मिला, तब महिला को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी है। इसके बाद उसने तुरंत अजमेर साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में जुटीअजमेर के डीवाईएसपी शमशेर खान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनकी गहन जांच की जा रही है और साइबर टीम आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।