पंजाब में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा और शीतलहर लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है। गुरुवार को होशियारपुर जिले के बुल्लोवाल इलाके में न्यूनतम तापमान गिरकर सीधे शून्य डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे ठिठुरन और ज्यादा बढ़ गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 जनवरी तक प्रदेश को ठंड और शीतलहर से फिलहाल कोई बड़ी राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
सर्दी के चलते बदला स्कूलों का शेड्यूललगातार बढ़ती ठंड को देखते हुए राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के समय में बदलाव का फैसला लिया है। नए आदेश के मुताबिक, अब प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूल सुबह 10 बजे से खुलेंगे। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह व्यवस्था 21 जनवरी तक प्रभावी रहेगी। हालांकि गुरुवार को दिन चढ़ने के साथ धूप जरूर निकली, लेकिन ठंडी हवाओं और शीतलहर के चलते लोगों को खास राहत नहीं मिल सकी। न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कई जिलों में घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
अलग-अलग शहरों में तापमान का हालप्रदेश के विभिन्न शहरों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।
बठिंडा: 1.6 डिग्री सेल्सियस
फरीदकोट: 3.5 डिग्री सेल्सियस
होशियारपुर: 4.4 डिग्री सेल्सियस (बुल्लोवाल में न्यूनतम 0 डिग्री)
चंडीगढ़: 4.5 डिग्री सेल्सियस
पठानकोट: 5.1 डिग्री सेल्सियस
पटियाला: 5.1 डिग्री सेल्सियस
लुधियाना: 5.2 डिग्री सेल्सियस
पश्चिमी विक्षोभ बढ़ा रहा ठंड की अवधिमौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंड का यह दौर और लंबा खिंच सकता है। पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी का असर उत्तर भारत के मैदानी इलाकों तक साफ दिखाई दे रहा है। यही वजह है कि तापमान में लगातार गिरावट बनी हुई है।
इसी बीच राजधानी दिल्ली में भी इस सर्दी की सबसे ठंडी सुबह दर्ज की गई। सफदरजंग वेधशाला में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो जनवरी 2023 के बाद सबसे कम है। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों में जारी बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के असर से आने वाले दिनों में ठंड का असर अभी बना रह सकता है।