आजकल यह बेहद डराने वाली हकीकत बन गई है कि लोग चलते-फिरते, खेलते-कूदते अचानक इस दुनिया को अलविदा कह देते हैं। कोई जिम कर रहा हो, डांस कर रहा हो या खेल रहा हो—अचानक गिरता है और फिर कभी नहीं उठता। इसी तरह की एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना पंजाब के फिरोजपुर से सामने आई है, जहां एक 27 वर्षीय युवा क्रिकेटर हरजीत सिंह की पिच पर ही हार्ट अटैक से मौत हो गई।
यह दर्दनाक हादसा गुरु हर सहाय कस्बे में हुआ, जहां हरजीत एक लोकल क्लब के लिए बल्लेबाजी कर रहे थे। वह 43 रन पर खेल रहे थे और तभी उन्होंने जोरदार छक्का लगाया। सिर्फ एक रन दूर थे अपने अर्धशतक से — चेहरे पर खुशी, दिल में गर्व। जैसे ही उन्होंने रन पूरा किया और साथी खिलाड़ी से हाथ मिलाने नॉन-स्ट्राइकर एंड की ओर बढ़े, उसी पल घुटनों के बल गिर पड़े। उनकी सांसें जैसे थम गईं, शरीर एकदम शांत हो गया।
मैदान पर मौजूद अन्य खिलाड़ी तुरंत दौड़े, CPR देने की कोशिश की गई, उम्मीद की एक हल्की लौ हर किसी की आंखों में थी। लेकिन किसे पता था कि वह आखिरी छक्का, उनके जीवन की अंतिम बॉल साबित होगी।
हरजीत को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि पिच पर ही उनका निधन हो चुका था। उस वक्त उनके साथ क्रीज़ पर मौजूद खिलाड़ी रचित सोढ़ी ने बताया कि हरजीत एक कारपेंटर थे, और क्रिकेट उनके जीवन का जुनून था। वह शादीशुदा थे और उनका एक छोटा बेटा भी है।
इस खबर ने ना केवल हरजीत के परिवार, बल्कि पूरे कस्बे और क्रिकेट प्रेमियों को सदमे में डाल दिया है। युवा उम्र, सपनों से भरी आंखें और पिच पर छक्के के साथ मुस्कुराता चेहरा—अब सिर्फ एक तस्वीर बनकर रह गया है।
हरजीत की इस असामयिक विदाई ने एक बार फिर ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ज़िंदगी कितनी नाज़ुक है और हर सांस कितनी कीमती।