मणिपुर के उखरुल में दोबारा हिंसा का दौर, ताज़ा झड़पों में 5 की मौत; नगा–कुकी तनाव से हालात और बिगड़े

मणिपुर एक बार फिर हिंसा की आग में झुलस उठा है। उखरुल जिले में शुक्रवार को हुई दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल गहरा गया है। गौरतलब है कि राज्य पहले से ही मैतेई और कुकी समुदायों के बीच लंबे समय से चले आ रहे जातीय संघर्ष की चपेट में है, और अब नगा व कुकी समुदायों के बीच भी टकराव की खबरें सामने आने लगी हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह तड़के उखरुल जिले के सीनाकेइथेई गांव के आसपास तांगखुल नगा और कुकी समुदाय से जुड़े सशस्त्र समूहों के बीच अचानक भारी गोलीबारी शुरू हो गई। इस हिंसक झड़प ने इलाके की शांति को पूरी तरह से भंग कर दिया और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।

सीनाकेइथेई में तांगखुल युवक की जान गई

इस पहली घटना में 29 वर्षीय तांगखुल युवक होरशोकमी जमांग की मौत हो गई। वह कामजोंग जिले के चाट्रिक खुलेन गांव का निवासी बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस गोलीबारी में तीन अन्य नागरिक भी घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

तांगखुल नगा लॉन्ग (TNL) संगठन ने दावा किया है कि SoO (Suspension of Operation) समझौते के तहत सक्रिय कुकी उग्रवादियों की गतिविधियों के कारण क्षेत्र में अशांति बनी हुई है। संगठन का कहना है कि जब नगा गांव सुरक्षा गार्ड गश्त पर थे, तभी कुकी उग्रवादियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
मुल्लम गांव में दूसरी गोलीबारी, दो कुकी युवकों की मौत

पहली घटना के कुछ ही समय बाद पास के मुल्लम गांव में भी गोलीबारी की एक और गंभीर वारदात हुई। यह गांव कुकी समुदाय बहुल क्षेत्र माना जाता है। इस दूसरी झड़प में दो लोगों की मौत हो गई, जिनकी पहचान लेतलाल सितल्हो (जेम्स कुकी) और पाओमिनलुन हाओलाओ (हितलाल कुकी) के रूप में हुई है। दोनों कांगपोकपी जिले के निवासी थे।

मुल्लम ग्राम प्राधिकरण ने आरोप लगाया है कि सुबह लगभग 5:30 बजे तांगखुल उग्रवादियों ने गांव पर हमला किया। वहीं, कुकी ऑर्गेनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ट्रस्ट ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि मुल्लम और सोंगफाल गांवों में कई घरों को आग के हवाले भी किया गया है, जिससे हालात और भयावह हो गए हैं।

लगातार बढ़ता तनाव और सुरक्षा व्यवस्था सख्त

उखरुल जिला मुख्य रूप से तांगखुल नगा समुदाय का प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है। फरवरी 2026 से यहां तांगखुल और कुकी समुदायों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले सप्ताह भी इसी जिले में उग्रवादियों की गोलीबारी में दो तांगखुल व्यक्तियों की मौत हुई थी, और उसी दिन सीनाकेइथेई क्षेत्र में भी हिंसक घटना दर्ज की गई थी।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है। पुलिस और जिला प्रशासन हालात को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं, लेकिन दोनों समुदायों के बीच गहराता अविश्वास और तनाव शांति बहाली की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।