उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में विपक्षी गठबंधन INDIA ने रविवार (8 सितंबर) को अपने सांसदों के लिए एक मॉक पोल आयोजित करने का ऐलान किया है। यह अभ्यास पुराने संसद भवन में दोपहर 2:30 बजे होगा, जहां सभी सांसदों की मौजूदगी अनिवार्य बताई गई है।
इस मॉक पोल का मकसद है कि सांसद वोटिंग प्रक्रिया को अच्छे से समझ सकें और वास्तविक चुनाव के दिन कोई चूक न हो। ठीक इसी तरह का अभ्यास एनडीए खेमे ने भी शनिवार को किया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक शामिल हुए थे। इसी बीच, राज्यसभा सांसद और शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि “भाजपा के पास आवश्यक बहुमत नहीं है।”
“अंतरात्मा की आवाज़ सुनकर करें मतदान” – राउतसंजय राउत ने कहा, “बीते दिन एनडीए ने भी मॉक पोल कराया था, जिसमें पीएम मोदी तक शामिल हुए। आज विपक्ष अपनी तैयारी करेगा। लोकतंत्र में यह प्रक्रिया बेहद अहम है, ताकि सांसदों को मतदान के समय किसी प्रकार की दिक्कत न हो। मेरा कहना है कि उपराष्ट्रपति का पद एक संवैधानिक जिम्मेदारी है। हमारे प्रत्याशी जस्टिस बी. सुधर्शन रेड्डी हैं और हम सभी सांसदों से अपील करते हैं कि वे वोट डालते समय केवल राष्ट्रहित, संविधान की रक्षा और अपनी अंतरात्मा की आवाज़ को प्राथमिकता दें।”
पूर्व उपराष्ट्रपति को लेकर भी साधा निशानाराउत ने आगे कहा, “आज देश की हालत किसी से छिपी नहीं है। पूर्व उपराष्ट्रपति का आज गायब रहना इस बात की गवाही देता है कि लोकतंत्र पूरी तरह स्वस्थ स्थिति में नहीं है। जो भी अपनी रीढ़ की हड्डी सीधी करने की कोशिश करता है, उसे किनारे कर दिया जाता है। आने वाले उपराष्ट्रपति को भी इस सच्चाई से सचेत रहना होगा।”
चुनावी जंग में विपक्ष बनाम एनडीएस्पष्ट है कि उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले दोनों ही खेमे पूरी ताकत झोंक रहे हैं। एक ओर एनडीए बहुमत का दावा करते हुए अपने सांसदों को एकजुट करने में लगा है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे संविधान और लोकतंत्र की जंग करार दे रहा है। अब नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि सांसद अपने-अपने दल की लाइन का पालन करते हैं या फिर अंतरात्मा की आवाज़ को तरजीह देते हैं।