महाराष्ट्र की नवनियुक्त उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार मंगलवार को सतारा जिले के फलटण पहुंचीं, जहां उन्होंने दिवंगत PSO विदीप जाधव के परिवार से मुलाकात की। अजित पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी रहे विदीप जाधव की हाल ही में एक विमान हादसे में असमय मौत हो गई थी। इस हादसे में अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की जान चली गई थी, जिसने पूरे राज्य को गहरे सदमे में डाल दिया।
फलटण के पास स्थित तरडगांव निवासी विदीप जाधव के घर पहुंचकर सुनेत्रा पवार ने उनके माता-पिता, पत्नी और दो मासूम बच्चों से मुलाकात की और परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
पत्नी का हाथ थामकर दिया भरोसे का संदेशघर के भीतर पसरे मातम और सन्नाटे के बीच सुनेत्रा पवार ने विदीप जाधव की पत्नी का हाथ थामते हुए उन्हें ढांढस बंधाया। इस कठिन घड़ी में उन्होंने न सिर्फ संवेदनाएं व्यक्त कीं, बल्कि हर संभव मदद और साथ देने का भरोसा भी दिलाया। उल्लेखनीय है कि सुनेत्रा पवार ने 31 जनवरी को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, लेकिन पद की जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने मानवीय संवेदना को प्राथमिकता दी।
भावुक दृश्य, नम हो गईं आंखेंविदीप जाधव के बच्चों और उनकी पत्नी के सिर पर स्नेह से हाथ रखते हुए सुनेत्रा पवार ने कहा, “मैं हर कठिनाई में आपके साथ हूं।”
उनके ये शब्द वहां मौजूद हर व्यक्ति के दिल को छू गए। इस भावुक पल ने माहौल को और भी गमगीन कर दिया और कई लोगों की आंखें छलक उठीं। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार और वे स्वयं इस परिवार को अकेला नहीं छोड़ेंगी।
सादगी और मिलनसार स्वभाव के लिए पहचाने जाते थे विदीप जाधवविदीप जाधव मुंबई पुलिस के 2009 बैच के कर्मचारी थे और लंबे समय से उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निजी सुरक्षाकर्मी (PSO) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। हालांकि, अपने गांव और मोहल्ले में वे एक बेहद साधारण और सहज व्यक्ति के रूप में जाने जाते थे।
पड़ोसियों के मुताबिक, विदीप कभी अपने पद या जिम्मेदारी का दिखावा नहीं करते थे। उनकी पड़ोसी श्रुती वालेकर ने बताया कि 28 जनवरी की सुबह करीब 6:30 बजे उन्होंने विदीप को रोज़ की तरह घर से निकलते देखा था।
‘कभी महसूस ही नहीं हुआ कि वे डिप्टी सीएम के बॉडीगार्ड हैं’श्रुती वालेकर ने भावुक होते हुए कहा, “हम पिछले 27 सालों से पड़ोसी हैं, लेकिन कभी यह एहसास नहीं हुआ कि वे उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बॉडीगार्ड हैं। वे हमेशा सामान्य इंसान की तरह ही रहते थे।”