वैश्विक दबाव में बाजार फिसला, फार्मा और ऑटो सेक्टर में भारी गिरावट

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत की। वैश्विक स्तर पर टैरिफ से जुड़ी चिंताओं के कारण बाजार में बिकवाली का माहौल देखा गया। सेंसेक्स 195 अंकों की बढ़त के साथ 80,990 पर था, जबकि निफ्टी 68 अंकों की कमजोरी के साथ 24,699 पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी टैरिफ की घोषणा से वैश्विक बाजारों में भी गिरावट देखी गई।

शुरुआती कारोबार में फार्मा सेक्टर सबसे अधिक दबाव में रहा। निफ्टी फार्मा इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक टूट गया। इसके साथ ही ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल और रियल्टी इंडेक्स भी लाल निशान में नजर आए। हालांकि, एफएमसीजी, मीडिया और एनर्जी इंडेक्स ने थोड़ी मजबूती दिखाई।

सेंसेक्स में एचयूएल, एशियन पेंट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी और बजाज फाइनेंस जैसे स्टॉक्स टॉप गेनर्स में रहे। वहीं सन फार्मा, एमएंडएम, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा और मारुति सुजुकी जैसे शेयरों में तेज गिरावट देखी गई।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली हावी रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 343 अंक गिरकर 57,056 पर और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 109 अंक की गिरावट के साथ 17,856 पर पहुंच गया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा कि, अगले कुछ दिनों तक बाजार टैरिफ संबंधित खबरों से प्रभावित रह सकता है। हालांकि 7 अगस्त से पहले देशों को बातचीत का मौका मिलेगा। बाजार इस 25% टैरिफ को फिलहाल अल्पकालिक प्रभाव मानकर चल रहा है।

एशियाई बाजारों में भी गिरावट का रुख बना रहा। टोक्यो, शंघाई, सोल, बैंकॉक और जकार्ता सभी बाजारों में लाल निशान दिखा। अमेरिकी बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए।