मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की जीवनरेखा मानी जाने वाली लोकल ट्रेन में एक मामूली कहासुनी ने भयावह रूप ले लिया। तेज बारिश के बीच ट्रेन का दरवाजा बंद रखने या खुला छोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक 22 वर्षीय युवक की हत्या पर जाकर खत्म हुआ। इस सनसनीखेज घटना ने लोकल ट्रेन में सफर करने वाले हजारों यात्रियों को झकझोर कर रख दिया है।
मृतक की पहचान विरार निवासी मयंक लोहार के रूप में हुई है, जो अंधेरी स्थित एक रिटेल स्टोर में कार्यरत थे। पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी रोशन सुवर्णा को कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। 30 वर्षीय आरोपी मीरा-भायंदर का रहने वाला है और मुंबई एयरपोर्ट के कार्गो विभाग में बारकोड मेकर के रूप में काम करता है।
बारिश के बीच शुरू हुआ विवादपुलिस जांच के मुताबिक घटना मंगलवार रात करीब 10:42 बजे की है। मयंक लोहार और रोशन सुवर्णा दोनों अंधेरी स्टेशन से चर्चगेट-नालासोपारा लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास डिब्बे में सवार हुए थे। उस समय मुंबई में भारी बारिश हो रही थी और डिब्बे का एक दरवाजा खुला होने की वजह से बारिश का पानी अंदर आ रहा था।
मयंक का कहना था कि यात्रियों की सुविधा के लिए दरवाजा बंद कर देना चाहिए ताकि लोग भीगने से बच सकें। दूसरी ओर रोशन दरवाजा खुला रखने पर अड़ा हुआ था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे तीखी नोकझोंक में बदल गई।
यात्रियों ने कराया समझौता, फिर भी नहीं थमा गुस्साबोरीवली रेलवे पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक दत्तात्रेय खुपरकर के अनुसार, जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ती गई, रोशन का व्यवहार और अधिक आक्रामक होता गया। डिब्बे में मौजूद यात्रियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और आरोपी को समझाया कि खुले दरवाजे के कारण कई लोग बारिश में भीग रहे हैं।
हालांकि, रोशन किसी की सलाह मानने को तैयार नहीं था। माहौल बिगड़ता देख कुछ यात्रियों ने मयंक को दूसरे दरवाजे की ओर चले जाने की सलाह दी, ताकि दोनों के बीच दूरी बन सके और विवाद खत्म हो जाए।
करीब 50 यात्रियों से भरे डिब्बे में मौजूद लोगों ने बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश की। कुछ देर के लिए ऐसा लगा कि मामला शांत हो गया है, लेकिन आरोपी के मन में गुस्सा लगातार बढ़ता रहा।
चुप हो गए मयंक, लेकिन आरोपी देता रहा गालियांयात्रियों की सलाह मानते हुए मयंक विवाद से दूर हट गए और डिब्बे के दूसरे हिस्से में चले गए। इसके बावजूद रोशन लगातार उन्हें अपशब्द कहता रहा। चश्मदीदों के अनुसार, मयंक ने बहस आगे नहीं बढ़ाई और शांत रहने की कोशिश की, लेकिन आरोपी का आक्रामक रवैया नहीं बदला।
कुछ मिनट बाद स्थिति अचानक बेहद खतरनाक हो गई। जब ट्रेन गोरेगांव और मालाड स्टेशनों के बीच पहुंची, तब रोशन ने अपने बैग की जिप खोली और उसमें से एक चाकू निकाल लिया।
चलती ट्रेन में किया जानलेवा हमलाप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चाकू निकालने के बाद रोशन सीधे मयंक की ओर बढ़ा और बिना किसी चेतावनी के उन पर हमला कर दिया। उसने मयंक के पेट और सीने पर लगातार तीन से चार वार किए।
चलती ट्रेन में हुए इस हमले से डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई। यात्री कुछ समझ पाते, उससे पहले मयंक गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े और डिब्बे में खून फैल गया।
इसके बाद आरोपी मौके से भागने की फिराक में रहा। रात करीब 11:04 बजे जब ट्रेन बोरीवली स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर छह पर पहुंची, तब ट्रेन पूरी तरह रुकने से पहले ही वह डिब्बे से कूद गया और भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गए मयंकघटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) के जवान तत्काल मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल मयंक को सबसे पहले बोरीवली स्टेशन के मेडिकल रूम ले जाया गया।
प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की। हालांकि चोटें बेहद गंभीर थीं और बुधवार तड़के इलाज के दौरान मयंक ने दम तोड़ दिया।
युवा कर्मचारी की इस दर्दनाक मौत से उसके परिवार और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई।
वीडियो और सीसीटीवी फुटेज बने गिरफ्तारी की कुंजीवारदात के बाद रेलवे पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया। जांच के लिए सात विशेष टीमें गठित की गईं और बोरीवली से लेकर पनवेल तक के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर लगे 40 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई।
जांच के दौरान पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण वीडियो भी मिले। ट्रेन में मौजूद कई यात्रियों ने पूरी घटना के दौरान अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग की थी। इन वीडियो में आरोपी का चेहरा और हुलिया साफ दिखाई दे रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमले के बाद आरोपी काले रंग की शर्ट और काली पैंट पहने हुए हाथ में चाकू लेकर डिब्बे के अंदर घूमता दिखाई दिया। वीडियो फुटेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को जोड़कर पुलिस ने उसकी गतिविधियों का पता लगाया।
तकनीकी साक्ष्यों और लगातार निगरानी के आधार पर पुलिस आखिरकार आरोपी रोशन सुवर्णा तक पहुंच गई और उसे पनवेल इलाके से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी चाकू लेकर ट्रेन में क्यों सफर कर रहा था तथा उसके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं।