महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता नितेश राणे एक बार फिर अपने तीखे और विवादास्पद बयान को लेकर चर्चा में आ गए हैं। समुदाय विशेष को लेकर की गई उनकी टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस बार नितेश राणे ने मंच से बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि “कोई भी हरा सांप हिंदुओं की तरफ गंदी नजर से देखने की हिम्मत नहीं कर सकता।”
वसई में चुनावी सभा के दौरान दिया बयानदरअसल, नितेश राणे मुंबई के वसई इलाके में होने वाले महानगरपालिका चुनाव के प्रचार के सिलसिले में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने जोशीले अंदाज़ में कहा, “कोई भी हिंदू समाज की ओर गलत नजर नहीं डाल सकता। हम इतनी मजबूती से आपके साथ खड़े रहेंगे कि कोई भी शरारत करने की हिम्मत नहीं करेगा। हिंदुओं के त्योहारों में अगर कोई हुड़दंग मचाने की कोशिश करेगा, तो उसे शुक्रवार तक भी संभलने का मौका नहीं मिलेगा।”
‘महाराष्ट्र की सरकार हिंदुत्व की सोच पर चल रही है’अपने भाषण को आगे बढ़ाते हुए नितेश राणे ने राज्य सरकार की विचारधारा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में आज हिंदुत्ववादी सोच वाली सरकार है। हमारे मुख्यमंत्री भी इसी विचारधारा में विश्वास रखते हैं। यहां का मेयर भी हिंदुत्व की सोच वाला ही होगा। हमें ‘आई लव महादेव’ कहने वाले उम्मीदवार को जिताना है।”
उनके इस बयान के बाद सभा में मौजूद समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की, जबकि विपक्ष ने इसे समाज में नफरत फैलाने वाला बयान करार दिया।
‘जय श्रीराम बोलने वाला ही बनेगा मेयर’विवाद को और हवा देते हुए नितेश राणे ने कहा, “शहर में वही दिखाई देना चाहिए जो खुलकर ‘जय श्रीराम’ बोलता हो। बाकी जो ‘सर तन से जुदा’ या ‘आई लव मोहम्मद’ जैसी बातें करते हैं, उन्हें उनके पाकिस्तान में बैठे अब्बा के पास भेज देना चाहिए। यहां उन्हें जगह नहीं मिलेगी। इसके लिए हिंदू समाज को एकजुट होकर खड़ा होना होगा।”
उनकी इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
‘यह किसी के अब्बा का पाकिस्तान नहीं है’यह पहली बार नहीं है जब नितेश राणे अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में आए हों। इससे पहले भी वह कई बार ऐसे ही बयान देकर विवादों में घिर चुके हैं। कुछ समय पहले उन्होंने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा था कि “ठाकरे भाइयों को वोट देने का मतलब पाकिस्तान में बैठे उनके अब्बा को वोट देना है।”
उस दौरान भी नितेश राणे ने कहा था, “हिंदू समाज को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। यह हमारा हिंदू राष्ट्र है, किसी के अब्बा का पाकिस्तान नहीं। मुंबई का मेयर मराठी होगा, हिंदू होगा और मुंबईकरों के आशीर्वाद से महायुति का होगा।”
नितेश राणे के लगातार आ रहे ऐसे बयानों ने एक बार फिर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है, वहीं विपक्ष उनकी भाषा और सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।