केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया खुलासा, बॉयफ्रेंड के साथ भागने के बजाय सिया ने क्यों चुना खौफनाक रास्ता

महाराष्ट्र के चर्चित लोहागढ़ किला हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं। 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत को लेकर शुरू हुई जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच चुकी है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। इस मामले में गिरफ्तार केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। इसी दौरान चेतन ने जो जानकारी दी है, उसने मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार चेतन ने पूछताछ में बताया कि सिया अपने मंगेतर केतन से रिश्ता खत्म कर उसके साथ भाग जाने के लिए तैयार नहीं थी। उसका मानना था कि ऐसा करने से उसके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचेगी और लोगों के बीच बदनामी होगी। कथित तौर पर इसी डर ने उसे ऐसा रास्ता चुनने के लिए प्रेरित किया, जो अंततः एक भयावह साजिश में बदल गया।

दरअसल, 18 जून को लोहागढ़ किले के पास ट्रेकिंग के दौरान केतन अग्रवाल की खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआत में इस घटना को एक सामान्य हादसा माना गया था। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामला दुर्घटना से निकलकर हत्या की साजिश तक पहुंच गया। पुलिस जांच में सामने आया कि केतन अपनी मंगेतर सिया का जन्मदिन मनाने के लिए उसके साथ लोहागढ़ ट्रेक पर गया था।

केतन और सिया की शादी इसी साल नवंबर में तय थी। दोनों परिवार विवाह की तैयारियों में जुटे हुए थे। जानकारी के मुताबिक राजस्थान में करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य महल शादी समारोह के लिए बुक किया गया था। मेहमानों के आवागमन के लिए दो निजी विमानों की व्यवस्था भी की गई थी। ऐसे में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह रिश्ता इतनी दर्दनाक परिणति तक पहुंच जाएगा।
पहले बताया गया हादसा

घटना के बाद सिया ने पुलिस को जो जानकारी दी थी, उसमें उसने दावा किया कि फोटो खिंचवाते समय केतन का संतुलन बिगड़ गया और वह गहरी खाई में गिर गया। इसके बाद बचाव दल ने करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद केतन का शव बाहर निकाला। सिया के शुरुआती बयान के आधार पर लोनावला ग्रामीण पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया था।

सिया ने पुलिस को बताया था कि वे दोनों किले के ऊपरी हिस्से में घूम रहे थे, तभी अचानक केतन का पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गया। उस समय उपलब्ध परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने भी शुरुआत में इसे एक दुखद दुर्घटना माना था।

जांच में खुला प्रेम संबंधों का राज

हालांकि मामले की परिस्थितियां पुलिस को शुरू से पूरी तरह सामान्य नहीं लगीं। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के अनुसार घटना से जुड़े कई पहलुओं की गहनता से पड़ताल की गई। पुलिस ने आर्थिक विवादों से लेकर व्यक्तिगत संबंधों तक हर एंगल से जांच शुरू की।

इसी दौरान जांच अधिकारियों को पता चला कि सिया गोयल का पुणे के कोंढवा निवासी चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस का कहना है कि सिया केतन से विवाह नहीं करना चाहती थी और वह अपने तथा चेतन के रिश्ते के बीच केतन को सबसे बड़ी बाधा मानने लगी थी। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इसी वजह से दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि योजना के तहत सिया ने केतन को घूमने के बहाने लोहागढ़ किले तक बुलाया। बाद में चेतन भी वहां पहुंचा। आरोप है कि दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

सीसीटीवी से मिला अहम सुराग

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब जांचकर्ताओं ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में तेज गर्मी और लगभग 33 डिग्री तापमान के बावजूद एक व्यक्ति हुडी पहनकर घूमता दिखाई दिया। उसका व्यवहार और मौजूदगी पुलिस को संदिग्ध लगी।

इसके बाद क्राइम ब्रांच ने चेतन चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान उसने कथित रूप से स्वीकार किया कि केतन उनके संबंधों के रास्ते में आ रहा था। इसी वजह से उसने और सिया ने मिलकर कथित तौर पर उसे हटाने की साजिश बनाई।

बदनामी के डर ने लिया खौफनाक रूप

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने चेतन से यह सवाल भी किया कि यदि दोनों एक-दूसरे से प्रेम करते थे तो वे घर छोड़कर साथ क्यों नहीं चले गए। केतन की हत्या जैसा गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता क्यों पड़ी?

इस सवाल के जवाब में चेतन ने कथित तौर पर कहा कि सिया अपने परिवार की सामाजिक छवि को लेकर बेहद चिंतित थी। वह सगाई तोड़ने या उसके साथ भाग जाने के लिए तैयार नहीं थी क्योंकि उसे लगता था कि इससे परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा और समाज में उनकी बदनामी होगी।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। फिलहाल अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज रखा है। जांच एजेंसियां अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई हैं।

चेतन के पिता ने बेटे को बताया बेगुनाह

उधर मामले में गिरफ्तार चेतन चौधरी के पिता बाबूलाल चौधरी ने अपने बेटे का बचाव करते हुए अलग ही दावा किया है। उनका कहना है कि चेतन को इस मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है और वह किसी भी तरह की हत्या की साजिश में शामिल नहीं था।

मीडिया से बातचीत में बाबूलाल चौधरी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त चेतन सिया और केतन से काफी दूरी पर मौजूद था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा ऐसा काम नहीं कर सकता और वह उसकी प्रकृति को अच्छी तरह जानते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि चेतन उस दिन लोहागढ़ किले में आखिर क्यों गया था। परिवार को इस बारे में उसने कोई जानकारी नहीं दी थी। बाबूलाल चौधरी का कहना है कि उनका बेटा निर्दोष है और उसे जानबूझकर इस मामले में घसीटा जा रहा है।

इतना ही नहीं, उन्होंने सिया और चेतन के बीच किसी भी तरह के प्रेम संबंध की जानकारी होने से भी साफ इनकार किया। हालांकि पुलिस अपनी जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और फोरेंसिक जांच से इस बहुचर्चित हत्याकांड के कई और पहलुओं से पर्दा उठने की संभावना जताई जा रही है।