उद्धव ठाकरे पर CM फडणवीस का तीखा हमला, बोले- 'शिवसेना का रिजीम चेंज नहीं रोक पाए, अब किस बदलाव की बात कर रहे हैं?'

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उनके बदलाव संबंधी बयानों पर सवाल उठाए हैं। नागपुर में दिए बयान में फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे पहले अपनी ही पार्टी में हुए ‘रिजीम चेंज’ को नहीं रोक पाए और अब वे किस बदलाव की बात कर रहे हैं, यह समझ से परे है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान हिंदुत्व, शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के विचारों और भारतीय संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में सरकार बदलने का रास्ता चुनाव से होकर गुजरता है, न कि सड़कों पर प्रदर्शन करने से। फडणवीस ने कहा कि उद्धव ठाकरे की पार्टी ने जब हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे के विचारों से दूरी बनाई, तो शिवसेना के भीतर बड़ा विवाद पैदा हुआ। उनके मुताबिक, बालासाहेब के विचारों पर चलने की इच्छा रखने वाले लोगों ने अपनी अलग शिवसेना बना ली। मुख्यमंत्री ने इसी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उद्धव ठाकरे पर तंज कसा और पूछा कि जब वे अपनी पार्टी में हुए बदलाव को ही नहीं रोक सके, तो अब किस दूसरे ‘रिजीम चेंज’ की बात कर रहे हैं।

‘शिवसेना का रिजीम चेंज नहीं रोक पाए उद्धव ठाकरे’

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे पर टिप्पणी करते हुए कहा, “पहली बात यह है कि उद्धव ठाकरे शिवसेना की रिजीम चेंज को नहीं रोक पाए, वह दूसरी कौन सी रिजीम चेंज की बात कर रहे हैं, मुझे पता नहीं है।” फडणवीस ने अपने बयान में शिवसेना के भीतर हुए राजनीतिक बदलाव का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि जब उद्धव ठाकरे की पार्टी ने हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे के विचारों को छोड़ दिया, तो पार्टी में ऐसा विवाद हुआ कि उन विचारों पर चलने की इच्छा रखने वाले लोगों ने अपनी अलग शिवसेना बना ली। मुख्यमंत्री की टिप्पणी का केंद्र यही रहा कि उद्धव ठाकरे पहले अपनी पार्टी में हुए बदलाव को रोकने में सफल नहीं रहे और अब उनके बदलाव संबंधी बयान का मतलब क्या है, यह स्पष्ट नहीं है। महाराष्ट्र में ‘रिजीम चेंज’ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को शिवसेना के भीतर हुए विभाजन से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। उनका कहना था कि पार्टी के भीतर हुए इस घटनाक्रम के बाद बालासाहेब के विचारों के साथ आगे बढ़ने की इच्छा रखने वाले लोगों ने अलग शिवसेना बनाई।
संविधान और संसद के तहत ही होंगे देश में फैसले

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारत में सभी फैसले संविधान और संसद के जरिए लिए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्णय सड़कों पर नहीं, बल्कि संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव है और राजनीतिक बदलाव चाहने वालों को इसी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। फडणवीस ने कहा, “सबसे बड़ी बात यह है कि मैंने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत के संविधान से लड़ना बंद कर दीजिए। यहां फैसले संसद में और संविधान के तहत होंगे, सड़क पर नहीं। लोकतंत्र में फैसले चुनाव के जरिए होते हैं। अभी मोदी जी की सरकार है और वह फिर से चुनकर आएगी।” मुख्यमंत्री के इस बयान में संविधान और संसद की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीतिक व्यवस्था संविधान के अनुसार चलती है और लोकतंत्र में सरकार चुनने का अधिकार मतदाताओं के पास होता है। उनके मुताबिक, सड़क पर प्रदर्शन करके सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने के बजाय चुनावी प्रक्रिया में भाग लेना ही लोकतांत्रिक तरीका है।

‘रिजीम चेंज’ के लिए चुनाव लड़ना और जनता का दिल जीतना होगा

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यदि किसी को ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता व्यवस्था में बदलाव करना है, तो उसे चुनाव में उतरना होगा। इसके लिए लोगों का विश्वास जीतना और चुनाव जीतना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में सत्ता परिवर्तन का अधिकार जनता के पास है और इसका फैसला मतदाता अपने वोट के जरिए करते हैं। फडणवीस के मुताबिक, किसी भी राजनीतिक दल या नेता की इच्छा मात्र से सरकार नहीं बदल सकती। सत्ता में बदलाव के लिए जनता का समर्थन हासिल करना पड़ता है और चुनाव में जीत दर्ज करनी होती है। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि भारत में राजनीतिक परिवर्तन का रास्ता चुनावी प्रक्रिया से तय होता है, न कि सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के जरिए। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो भारत में संविधान को नकारकर नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान की तरह ‘रिजीम चेंज’ करने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। इस टिप्पणी के जरिए फडणवीस ने भारत की संवैधानिक व्यवस्था और चुनाव आधारित लोकतंत्र को सत्ता परिवर्तन का आधार बताया।

बाबा साहेब आंबेडकर के संविधान का किया उल्लेख

देवेंद्र फडणवीस ने भारतीय संविधान का उल्लेख करते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि भारत में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का संविधान है और इसमें ऐसे इरादों को नाकाम करने की ताकत है। मुख्यमंत्री के अनुसार, देश में फैसले संविधान और संसद के तहत होंगे और सत्ता परिवर्तन के लिए लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया का पालन करना होगा। फडणवीस ने अपने बयान में नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान का नाम लेते हुए कहा कि भारत में संविधान को नकारकर इस तरह का ‘रिजीम चेंज’ करने की सोच रखने वालों के मंसूबे पूरे नहीं होंगे। उन्होंने दोहराया कि देश में सरकार बदलने का अधिकार जनता के पास है और यह अधिकार चुनावों के जरिए इस्तेमाल किया जाता है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब महाराष्ट्र की राजनीति में ‘रिजीम चेंज’ को लेकर बयानबाजी तेज है। उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए फडणवीस ने शिवसेना में हुए बदलाव, हिंदुत्व और बालासाहेब ठाकरे के विचारों का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने भारतीय संविधान और संसद की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश में राजनीतिक सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनावों से ही होकर जाता है।