महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने 30 नवंबर को स्वास्थ्य उपचार के बीच ही जनता से सीधा संवाद कर सभी को चौंका दिया। महायुति के अभियान के तहत येवला के नागरिकों से उन्होंने अस्पताल से ही वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से जुड़कर बातचीत की। चुनावी मौसम के बीच यह संबोधन इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह उनकी मजबूरी और जनता के प्रति समर्पण—दोनों का अनोखा मेल था।
हालांकि वे खुद चुनावी रैलियों में मौजूद होना चाहते थे, लेकिन हाल में हुई सर्जरी ने उन्हें आराम करने के लिए विवश कर दिया। इसके बावजूद, उन्होंने अपने समर्थकों से दूरी न बनाने का निर्णय लिया और अस्पताल के बेड पर पड़े-पड़े ही लोगों तक अपनी बात पहुँचाई। उन्होंने साफ कहा कि यह अनुपस्थिति किसी राजनीतिक कारण से नहीं, बल्कि केवल स्वास्थ्यगत बाधाओं की वजह से है।
इस ऑनलाइन संवाद ने माहौल को भावुक बना दिया और उनकी प्रतिबद्धता जनता के सामने एक बार फिर स्पष्ट हो गई। भुजबल ने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से हर गांव और हर मोहल्ले में जाकर मिलना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया। इसलिए वे इस डिजिटल माध्यम से सीधे लोगों से दिल की बात साझा कर रहे हैं।
विकास पर केंद्रित संदेशअपने संबोधन में भुजबल ने येवला के विकास का एक विस्तृत चित्र भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से समृद्ध रहा है, लेकिन कभी पानी की कमी और सूखे जैसी बड़ी चुनौतियों से जूझता था। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि 2004 में जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने सिंचाई, पेयजल, सड़क निर्माण और कृषि सुधार जैसी जरूरतों को प्राथमिकता दी।
उनका कहना था कि आज येवला जिन बदलावों का अनुभव कर रहा है, वह किसी एक व्यक्ति का कार्य नहीं बल्कि पूरे समाज के सहयोग, लगातार प्रयास और जनता के भरोसे का परिणाम है। भुजबल ने यह भी दोहराया कि यह प्रगति सामूहिक इच्छाशक्ति से ही संभव हो सकी है और आगे भी इसी समर्थन की आवश्यकता रहेगी।
जनता से पुनः समर्थन की अपीलअपने भावनात्मक संदेश के अंत में उन्होंने कहा कि भले ही वे इस बार शारीरिक रूप से प्रचार में शामिल नहीं हो पा रहे, लेकिन उनका रिश्ता और लगाव जनता से हमेशा की तरह बना हुआ है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि जैसे वर्षों से वे उन्हें स्नेह और विश्वास देते आए हैं, उसी तरह इस बार महायुति के उम्मीदवारों को भी मजबूत समर्थन दें।
उन्होंने आशा जताई कि जनता विकास की धारा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेगी। उनके अनुसार, चुनाव सिर्फ प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि येवला के नागरिक फिर एक बार प्रगति को प्राथमिकता देंगे और क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य में अपना योगदान देंगे।