अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कई बड़े अपडेट साझा किए हैं, जिससे साफ है कि यह हाई-स्पीड ट्रेन सेवा केवल अमीरों के लिए नहीं, बल्कि मिडिल क्लास की जेब में फिट होने वाली सवारी बनने जा रही है। रेल मंत्री के अनुसार, किराया पूरी तरह मिडिल क्लास की क्षमता को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा और सबसे बड़ी बात — इस ट्रेन के लिए पहले से टिकट बुक करने की जरूरत नहीं होगी।
मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन मार्ग की लगभग 5 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण पूरा कर लिया गया है, जो कि घनसोली और शिलफाटा के बीच स्थित है। यह सुरंग 21 किलोमीटर लंबी उस अंडरसी टनल का हिस्सा है, जो बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) और शिलफाटा को जोड़ती है। इसमें से 7 किलोमीटर की सुरंग ठाणे क्रीक के नीचे से गुजरती है — जिसे तकनीकी रूप से इस परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण भाग माना जा रहा था। शनिवार को इस सुरंग में 'ब्रेकथ्रू' यानी सुरंगों के मिलन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई।
रेल मंत्री ने बताया कि जापान की विशेषज्ञ टीम ने हाल ही में पूरे प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया और निर्माण की गुणवत्ता की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 320 किलोमीटर का पुल और संबंधित ढांचे तैयार किए जा चुके हैं। नदियों पर बन रहे पुल तेजी से पूरे हो रहे हैं, वहीं सभी स्टेशन पर काम भी उच्च गुणवत्ता के साथ चल रहा है। साबरमती टर्मिनल लगभग पूरा हो चुका है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जब यह प्रोजेक्ट पूरी तरह शुरू होगा, तब मुंबई से अहमदाबाद की यात्रा मात्र 2 घंटे 7 मिनट में पूरी हो जाएगी। इस रूट पर ठाणे, वापी, सूरत, वडोदरा और आणंद जैसे शहर शामिल होंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस ट्रेन सेवा से न केवल यात्रा का समय कम होगा बल्कि इन प्रमुख शहरों की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे पूरा क्षेत्र एक नई रफ्तार से आगे बढ़ेगा।
ट्रेन की टाइमिंग और सेवा को लेकर भी बड़ा ऐलान करते हुए मंत्री ने कहा कि शुरुआत में सुबह और शाम के व्यस्त समय में हर आधे घंटे में बुलेट ट्रेन चलेगी, और जब नेटवर्क पूरी तरह स्थिर हो जाएगा, तो व्यस्त समय में हर 10 मिनट में सेवा उपलब्ध होगी। इससे यात्रियों को अत्यंत सुविधा मिलेगी, और यात्रा को लेकर अनावश्यक योजना बनाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
सबसे बड़ा बदलाव जो सामने आया है, वह है ‘टिकट बुकिंग सिस्टम’ में क्रांति। मंत्री ने कहा कि, “अब अगर आप मुंबई से अहमदाबाद जाना चाहते हैं, तो पहले से टिकट बुक करने की जरूरत नहीं होगी। बस स्टेशन पहुंचें, 10 मिनट में ट्रेन पकड़ें और दो घंटे में अपने गंतव्य तक पहुंच जाएं।” यह पारंपरिक रेल यात्रा की अवधारणा को पूरी तरह बदलने वाला है।
अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि यह ट्रेन मिडिल क्लास की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाई जा रही है। उन्होंने कहा, फेयर स्ट्रक्चर पूरी तरह मिडिल क्लास को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाएगा। यह सिर्फ अमीरों की सवारी नहीं होगी, बल्कि आम आदमी की रफ्तार बनने जा रही है।
प्रोजेक्ट की समय-सीमा को लेकर उन्होंने बताया कि इसका पहला चरण 2027 तक चालू हो जाएगा, जो सूरत से बिलिमोरा के बीच शुरू होगा। 2028 तक यह सेवा ठाणे तक पहुंचेगी और अंततः 2029 तक मुंबई के बीकेसी (बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स) से बुलेट ट्रेन चलेगी।
बुलेट ट्रेन न केवल देश के बुनियादी ढांचे का प्रतीक बनेगी, बल्कि यह भारतीय रेलवे में नई सोच, तेज़ी और तकनीकी प्रगति का भी परिचायक होगी। अब जब यह सपना ज़मीन पर उतरने लगा है, तो उम्मीद की जा रही है कि आम आदमी को यात्रा में वही गति और आराम मिलेगा, जिसकी कल्पना अब तक केवल विदेशों की ट्रेनों में की जाती थी।