महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। शहर में कुत्तों के हमलों के आंकड़े डराने वाले हैं। बीते एक साल में 11 हजार से ज्यादा लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा है। इसी कड़ी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां कुत्ते के हमले में घायल 12 साल के बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक बच्चे की पहचान हामिद सद्दाम खान के रूप में हुई है। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
खेलते वक्त हुआ था हमलायह घटना 10 जनवरी की है, जब हामिद भिवंडी के ईदगाह इलाके में घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान अचानक एक आवारा कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया और उसके चेहरे व गर्दन के पास गंभीर रूप से काट लिया। परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। हालांकि इसके बावजूद उसकी हालत पूरी तरह स्थिर नहीं हो सकी और परेशानी बनी रही।
इलाज के दौरान बिगड़ी हालत, गई जान27 जनवरी को हामिद की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई, जिसके बाद उसके माता-पिता उसे दोबारा इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल लेकर आए। यहां से डॉक्टरों ने आगे के इलाज के लिए उसे कस्तूरबा अस्पताल रेफर कर दिया। तमाम कोशिशों के बावजूद 31 जनवरी को इलाज के दौरान हामिद ने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा है और नगर प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।
शहर में फिर उठा आवारा कुत्तों का मुद्दाहामिद की मौत ने एक बार फिर भिवंडी में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को उजागर कर दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि नगर पालिका का डॉग स्टेरिलाइजेशन सेंटर करीब 12 साल तक बंद रहने के बाद पिछले साल ही दोबारा शुरू किया गया था। इसके बावजूद शहर में कुत्तों की संख्या और हमलों में कोई खास कमी नहीं आई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने प्रयासों के बाद भी हालात काबू में क्यों नहीं आ रहे।
एक महीने में हजार से ज्यादा लोग घायलआंकड़ों के मुताबिक, सिर्फ जनवरी महीने में ही 1,062 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में कई बार एंटी-रेबीज वैक्सीन समय पर उपलब्ध नहीं हो पाई। स्थानीय विधायक रईस शेख ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि वे सरकार से जिम्मेदार अधिकारियों और सिस्टम की लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
पिछले साल 11 हजार से ज्यादा मामलों का इलाजहामिद खान को कुत्ते ने 10 जनवरी को काटा था, जिसके बाद 13 और 17 जनवरी को भी उसे इलाज के लिए इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। तीनों बार उसे इंजेक्शन की डोज़ दी गई। 28 जनवरी को उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी, जिसके बाद परिजन उसे फिर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे कस्तूरबा अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इंदिरा गांधी मेमोरियल उपजिला अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. माधवी पंडारे के अनुसार, पिछले एक साल में अस्पताल में कुत्तों के काटने के 11,062 मरीजों का इलाज किया गया है। ये आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि भिवंडी में आवारा कुत्तों की समस्या अब एक गंभीर सार्वजनिक संकट बन चुकी है।