महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए मराठा आरक्षण आंदोलन को विपक्ष ने राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश की, लेकिन सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए जाने के बाद वही विपक्ष अब चुप्पी साधे बैठा है। पुणे में गुरुवार (4 सितंबर) को आयोजित एक कार्यक्रम में पवार ने कहा कि महायुति सरकार केवल जनता के कल्याण और विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
भूख हड़ताल खत्म करने पर बोले पवार29 अगस्त को मुंबई में कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। हालांकि, सरकार द्वारा उनकी ज़्यादातर मांगें स्वीकार करने के बाद उन्होंने यह हड़ताल मंगलवार को समाप्त कर दी। सरकार ने मराठा समाज को राहत देते हुए आदेश जारी किया है कि जिनके पास कुनबी वंश से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज होंगे, उन्हें कुनबी जाति का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इस काम के लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है।
जनता के विश्वास पर काम कर रही सरकारअजित पवार ने अपने संबोधन में कहा, “लोगों ने हमें प्रचंड बहुमत देकर सत्ता सौंपी है। हमारी पूरी कोशिश रहती है कि हम जनता को हर संभव सुविधा और लाभ दें। कभी-कभी परिस्थितियां कठिन हो जाती हैं, लेकिन सरकार हमेशा शांतिपूर्ण और सकारात्मक तरीके से समाधान निकालने का प्रयास करती है।”
विपक्ष पर लगाया राजनीतिक लाभ का आरोपमराठा आंदोलन का उदाहरण देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि विपक्षी दल केवल मौके की तलाश में रहते हैं ताकि सरकार को घेर सकें। उन्होंने कहा, “जिन्हें जनता ने कम वोट दिए, वे हमेशा सरकार पर निशाना साधने के लिए बहाने ढूंढते रहते हैं। कुछ नेताओं ने तो मीडिया के जरिए मराठा आंदोलन के दौरान फैली स्थिति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया और राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश की।”
“सब ठीक हो जाएगा” – अजित पवारराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष अजित पवार ने कहा कि सरकार ने आंदोलन को संभालने में संतुलित और समझदारी भरा रवैया अपनाया। इसी कारण अब विपक्ष खामोश है। उन्होंने आगे कहा, “कुछ लोग अब भी बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि हालात पूरी तरह काबू में हैं। सब कुछ जल्द ही ठीक हो जाएगा और जनता को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।”