मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। गहरे शोक में डूबे सीएम फडणवीस ने कहा, “मैंने अपना एक मजबूत, संवेदनशील और जमीनी मित्र खो दिया है। अजित पवार का जाना मेरे लिए निजी क्षति है। आज महाराष्ट्र के लिए बेहद कठिन दिन है।” उनके शब्दों में दर्द और भावनाओं का स्पष्ट असर नजर आया।
अजित पवार के योगदान को याद करते हुए क्या बोले फडणवीस?मुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे कहा, “अजित पवार के जाने से पवार परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है। मैंने इस दुखद हादसे की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दे दी है। महाराष्ट्र के विकास में अजित पवार की भूमिका बेहद अहम रही है। वह संघर्षों से निकले हुए, मेहनती और परिणाम देने वाले नेता थे।” सीएम ने यह भी घोषणा की कि अजित पवार के सम्मान में राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक रखा जाएगा।
“दिल सुन्न हो गया है” – एक्स पर भावुक पोस्टमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा, “दादा चले गए। एक जमीन से जुड़े नेता, मेरे दोस्त और मेरे साथ काम करने वाले डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित दादा पवार की प्लेन क्रैश में मौत बेहद दिल दहला देने वाली है। यह खबर सुनकर दिल सुन्न हो गया। अपनी भावनाएं शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है।”
उन्होंने आगे लिखा, “मैंने अपना एक मजबूत और भरोसेमंद दोस्त खो दिया है। यह मेरे जीवन का निजी नुकसान है, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। आज पूरा महाराष्ट्र शोक में है। मैं दादा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम पवार परिवार और एनसीपी परिवार के दुख में पूरी तरह से शामिल हैं। इस हादसे में जान गंवाने वाले चार अन्य लोगों के परिवारों के प्रति भी मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।”
सीएम फडणवीस ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और जल्द ही बारामती के लिए रवाना होंगे।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का बयान भी आया सामनेडिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस दुखद हादसे पर गहरा शोक जताया। उन्होंने कहा, “आज महाराष्ट्र के लिए एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और काला दिन है। इस घटना ने हर किसी के दिल को झकझोर दिया है। हमारे सहयोगी और वरिष्ठ नेता अजित दादा पवार का इस तरह चले जाना हम सभी के लिए गहरा आघात है।”
एकनाथ शिंदे ने अजित पवार की कार्यशैली को याद करते हुए कहा, “अजित दादा अपनी स्पष्टवादिता के लिए जाने जाते थे। वह कभी ‘देखेंगे’ या ‘बाद में करेंगे’ जैसे शब्दों में भरोसा नहीं रखते थे। जो काम संभव होता, उसके लिए तुरंत हां कहते थे और जो संभव नहीं होता, उसके लिए साफ इनकार करते थे। उनके शब्द कभी-कभी कठोर होते थे, लेकिन दिल से वे बेहद नेक इंसान थे। इसका अनुभव मैंने स्वयं किया है।”
साथ काम करने की यादें साझा कींशिंदे ने आगे कहा, “जब मैं मुख्यमंत्री था और अजित दादा डिप्टी सीएम के रूप में कार्य कर रहे थे, तब हमने एक टीम की तरह काम किया। हम दोनों मिलकर महाराष्ट्र को आगे बढ़ाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे थे। मेरे काम करने का तरीका देर रात तक सक्रिय रहना था, जबकि अजित दादा सुबह जल्दी उठकर काम शुरू करने वाले नेता थे। वे समय के बेहद पाबंद थे।”
उन्होंने अंत में कहा, “अजित पवार का जाना केवल हमारे लिए नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए एक बड़ा नुकसान है।”