मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन में शांति उस वक्त भंग हो गई, जब तराना कस्बे में दो समुदायों के बीच हुआ एक मामूली विवाद हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। इस दौरान तोड़फोड़, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आईं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालात को संभालने के लिए पुलिस को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा।
बताया जा रहा है कि तराना में रास्ता देने को लेकर सोहन ठाकुर और अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ युवकों के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर नावेद, रिजवान, सलमान और सप्पन ने कथित तौर पर एकजुट होकर सोहन ठाकुर पर हमला कर दिया। इस हमले में सोहन ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए। वे एक हिंदूवादी संगठन से जुड़े बताए जा रहे हैं।
उग्र भीड़ ने बस को बनाया निशानाघटना के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। दोनों समुदायों के लोगों के बीच झड़प शुरू हो गई, जिसके बाद गुस्साई भीड़ ने एक बस में जमकर तोड़फोड़ की और आगजनी की घटना को अंजाम दिया। हिंसा की खबर मिलते ही तराना बस स्टैंड सहित आसपास के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में रिजवान, सलमान, नावेद, सप्पन समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारियों का दावा: हालात काबू मेंउज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उनके मुताबिक, घटना के बाद से तराना में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। एसपी ने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जिन लोगों की भूमिका सामने आ रही है, उन्हें हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की जा रही है।
इलाके में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनातहिंसक झड़प के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार तराना में 100 से अधिक पुलिस जवान और अधिकारी तैनात किए गए हैं। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की दोबारा हिंसा को रोका जा सके। तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं को लेकर भी अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
पीड़ित सोहन ठाकुर ने लगाए गंभीर आरोपघायल सोहन ठाकुर, जो बजरंग दल के सदस्य बताए जा रहे हैं, ने हमले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है, “मैं एक होटल में संघ कार्यालय के बाहर बैठा था, तभी 10 से 15 लड़के मेरे पास आए और अचानक मेरे माथे पर रॉड से वार कर दिया। इससे मुझे चक्कर आने लगे और मैं बेहोश हो गया। शोर सुनकर मेरे भाई वहां पहुंचे, जिन्हें देखकर हमलावर मौके से फरार हो गए।”
सोहन ठाकुर का आरोप है कि उन्हें पहले से निशाना बनाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि वे ‘लव जिहाद’ से जुड़े मामलों को लेकर सक्रिय थे और एक दिन पहले वसंत पंचमी का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था। उनका कहना है कि हमलावरों की उन्हें जान से मारने की साजिश पहले से चल रही थी और इसी वजह से उन पर हमला किया गया। उन्होंने हमलावरों पर नशे और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल होने के भी आरोप लगाए हैं।