मॉडल और साउथ फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है और अब यह कानूनी व प्रशासनिक विवाद का रूप लेता दिख रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोपी सास गिरीबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देने का निर्णय लिया है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने स्पष्ट किया है कि परिवार जल्द ही जबलपुर हाईकोर्ट में बेल कैंसिलेशन याचिका दाखिल करेगा।
परिवार का कहना है कि शुरू से ही उन्हें न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और पूरी प्रक्रिया में कई अड़चनें सामने आई हैं। उनका यह भी आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में पूरा सिस्टम काम कर रहा है, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो रही है।
पुलिस और सिस्टम पर गंभीर सवालनवनिधि शर्मा ने घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 12 तारीख को उनकी बेटी से अंतिम बार बातचीत हुई थी और इसके करीब 15 मिनट बाद ही उन्हें उसकी मौत की सूचना मिली। परिवार का आरोप है कि इस दौरान उन्होंने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन लंबे समय तक किसी ने फोन रिसीव नहीं किया।
बाद में ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह ने ही उनकी मौत की जानकारी दी। परिवार का कहना है कि जब वे घटनास्थल पर पहुंचे, तो पुलिस ने न तो तुरंत कार्रवाई की और न ही समय पर एफआईआर दर्ज की। पीड़ित पक्ष का दावा है कि उन्हें हर स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ा और प्रक्रिया को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठे सवालपरिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर भी गंभीर शंकाएं जताई हैं। उनका कहना है कि रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों और मौके की परिस्थितियों में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है, जिससे मामले की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
इसी आधार पर उन्होंने दूसरे पोस्टमार्टम (पीएम-2) की मांग की थी, लेकिन उन्हें कोर्ट का रास्ता अपनाने की सलाह दी गई। ट्विशा की मां रेखा शर्मा ने आरोप लगाया कि केस को दबाने की कोशिश की जा रही है और साथ ही उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है।
उच्चस्तरीय जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांगपीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय महिला आयोग और मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप की अपील की है। उनका आग्रह है कि जांच को किसी स्वतंत्र एजेंसी, जैसे दिल्ली पुलिस या किसी केंद्रीय जांच इकाई को सौंपा जाए ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
इसके साथ ही परिवार ने यह भी मांग की है कि पूरे मामले का दोबारा पोस्टमार्टम एम्स जैसी उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थान में कराया जाए, ताकि मौत के कारणों को लेकर किसी भी तरह का संदेह न रहे और सच्चाई सामने आ सके।