मध्य प्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ किले में 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजेपी विधायक संजय पाठक द्वारा उल्टा तिरंगा फहराने का मामला सामने आया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसे लेकर काफी चर्चा हुई।
हालांकि विधायक संजय पाठक ने दावा किया है कि जैसे ही उन्हें उल्टा तिरंगा नजर आया, उन्होंने तुरंत उसे सही किया और फिर से फहराया। उन्होंने इस घटना को गंभीर मानते हुए कलेक्टर को पत्र लिखा है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साजिश के तहत उल्टा तिरंगा फहराने का आरोप
विधायक के अनुसार, विजयराघवगढ़ किले में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन के एक कर्मचारी को दी गई थी। संजय पाठक का कहना है कि यह उल्टा तिरंगा फहराना संभवत: किसी साजिश के तहत किया गया था। उन्होंने इसे सार्वजनिक सम्मान के लिए गंभीर समस्या बताते हुए जिम्मेदारों की जांच कराने की मांग की है।
राष्ट्रीय ध्वज संहिता का उल्लंघन
संजय पाठक ने पत्र में लिखा कि झंडा फहराने से पहले गोल लपेटा हुआ था। जब उन्होंने ध्वजारोहण किया और उल्टा झंडा देखा, तो तुरंत उसे सही किया। इसके बावजूद यह घटना राष्ट्रीय ध्वज संहिता का उल्लंघन मानी जा सकती है और इससे जनता की भावनाएं आहत हुई हैं। विधायक ने कलेक्टर से अनुरोध किया कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो।