झारखंड: छात्रों के विधानसभा घेराव से पहले प्रशासन मुस्तैद, धारा 163 लागू; चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा और कई स्तर की बैरिकेडिंग

रांची: झारखंड में JPSC और JSCC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। बड़ी संख्या में छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं। सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की बातचीत होने के बावजूद किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में अब आंदोलनकारी छात्रों ने आज झारखंड विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है। छात्रों का विधानसभा मार्च सुबह करीब 10 बजे शुरू होगा।

छात्रों के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। विधानसभा परिसर और उसके आसपास के इलाकों में कई स्तरों पर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। जगह-जगह बैरिकेडिंग के साथ कंटीले तार भी लगाए गए हैं, ताकि प्रदर्शनकारियों को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोका जा सके। प्रशासन की ओर से किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। वहीं छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों पर फैसला नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

रांची में लगातार बढ़ रही छात्रों की भीड़

रविवार की सुबह से ही झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्र और अभ्यर्थी राजधानी रांची पहुंचने लगे। पुरानी विधानसभा परिसर और मोरहाबादी मैदान के आसपास छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती गई। हालात यह रहे कि प्रदर्शनकारियों के लिए लगाया गया पंडाल भी भीड़ के सामने छोटा पड़ गया। दूर-दराज के जिलों से पहुंचे छात्र अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं और विधानसभा मार्च की तैयारी में जुटे हुए हैं।

एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, छात्रों के मार्च को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की मौजूदगी बढ़ाई गई है और पूरे इलाके पर निगरानी रखी जा रही है।
जिला प्रशासन ने छात्रों से की शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील

वहीं, रविवार आधी रात से जमशेदपुर में भी निषेधाज्ञा के तहत धारा 163 लागू कर दी गई है। दूसरी ओर रांची जिला प्रशासन ने आंदोलन कर रहे छात्रों से अपील की है कि वे विधानसभा मार्च के दौरान किसी भी तरह के उग्र प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधि का हिस्सा न बनें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मार्च के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ या किसी अन्य गैरकानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस बीच प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से राजधानी रांची पहुंचने की कोशिश कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों को पुलिस बलपूर्वक रास्ते में रोक रही है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए कई जगहों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार यह कहा जा रहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

तीसरे दौर की बातचीत में कई अहम मुद्दों पर नहीं बनी सहमति

इससे पहले रविवार को छात्रों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच तीसरे चरण की बातचीत हुई। यह वार्ता पांच घंटे से भी ज्यादा समय तक चली। सरकार की ओर से छात्रों की कई प्रमुख मांगों पर सहमति जताते हुए आंदोलन को खत्म कराने का प्रयास किया गया। सरकार 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की जांच कराने के लिए तैयार नजर आई। इसके अलावा छात्रों की कुछ अन्य मांगों को लेकर भी सरकार की ओर से सकारात्मक रुख दिखाया गया।

हालांकि बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। खासतौर पर CBI जांच की मांग को लेकर पेंच फंस गया। छात्रों की ओर से कुछ अन्य मुद्दों पर भी स्पष्ट निर्णय की मांग की गई, लेकिन बातचीत किसी अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी। यही वजह रही कि सरकार और छात्रों के बीच तीन दौर की वार्ता होने के बाद भी आंदोलन खत्म नहीं हुआ और छात्रों ने विधानसभा मार्च का फैसला बरकरार रखा।

विधानसभा मार्च को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट

छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) मनोज कौशिक ने कहा कि प्रस्तावित विधानसभा मार्च के दौरान किसी भी तरह की अशांति की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों से शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से मार्च करने की अपील की है।

एडीजी ने यह भी कहा कि पिछले दो सप्ताह से ज्यादा समय से छात्र आंदोलन कर रहे हैं और अब तक उन्होंने काफी हद तक अनुशासन बनाए रखा है। उन्होंने छात्रों से इसी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनकारियों की भी जिम्मेदारी है कि किसी भी असामाजिक तत्व या उपद्रव करने वाले व्यक्ति को मार्च में शामिल होने से रोका जाए।

प्रशासन की ओर से लगातार छात्रों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की जा रही है। वहीं छात्र अपनी मांगों पर ठोस और स्पष्ट फैसला होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में आज होने वाले विधानसभा मार्च को लेकर प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच टकराव की स्थिति न बने, इसे लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है।